इंदिरा गांधी मल्टी स्पेशलएलिटी अस्पताल में कैथल शहर की दो लाख की आबादी के साथ-साथ आसपास के गांवों से आने वाले मरीजों के लिए महज एक ईसीजी मशीन से काम चलाया जा रहा है।
इसके अलावा लैब में एलटी की कमी सहित टेस्ट करने के लिए भी एक ही मशीन होने के कारण लोगों को दो-दो दिन तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वीरवार को टेस्टों को लेकर आ रही परेशानियों पर वीरवार सुबह सिविल सर्जन डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता ने खुद ही अस्पताल में कमान संभाल ली।
उन्होंने सबसे पहले लैब का औचक निरीक्षण किया। यहां केवल दो एलटी ही कार्यरत थे जिस पर उन्होंने तुरंत प्रभाव से अस्पताल में ही अलग-अलग कार्य देख रहे तीन एलटी की तैनाती लैब में करवा दी। इसके साथ ही हर रोज होने वाले लगभग 2000 से ज्यादा टेस्ट करने में आ रही परेशानियों पर कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने टेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने, सैंपल लेने वाले काउंटर पर भी एक-एक कर्मचारी की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही नई मशीनें भी खरीदने का आदेश दिया।
सीमएओ को जब पता चला कि पूरे अस्पताल में केवल एक ईसीजी मशीन है तो उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। इसके अलावा अस्पताल में सामान्य रूप से 50 टेस्ट करने वाली एकमात्र मशीन के खराब रहने पर भी अधिकारियों को फटकारा। उन्होंने तुरंत प्रभाव से उसे नई ईसीजी मशीनें खरीदने के आदेश जारी किए। इसके अलावा एक सामान्य टेस्ट करने वाली मशीन खरीदने के आदेश दिए। जिसकी कीमत डेढ़ लाख रुपये बताई गई है।
युवाओं की समस्या का समाधान
विभिन्न नौकरियों में नियुक्ति के बाद अलग-अलग कमरों में मेडिकल के लिए भटक रहे लोगों की समस्या पर सीएमओ ने सभी प्रकार के विशेषज्ञ डॉक्टरों को एक ही कक्ष में बैठने के निर्देश दिए। जिस पर सभी को एक ही जगह से रिपोर्ट मिलने पर बड़ी राहत महसूस हुई।