संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। क्षेत्र में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। शुक्रवार को दोपहर के समय अचानक धूल भरी तेज हवाएं चलने लगीं और आसमान में घने काले बादल छा गए, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जगी। हालांकि, यह राहत कुछ ही देर में खत्म हो गई और बादल बिना बारिश किए ही छंट गए।
इसके बाद निकली तेज धूप और बढ़ी हुई नमी ने उमस को और अधिक बढ़ा दिया, जिससे लोगों को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उमस के कारण हालात और भी खराब हो गए और लोग गर्मी से बचने के लिए ठंडे पेय पदार्थों व एयर कंडीशनर का सहारा लेते दिखे।
बारिश का इंतजार : जून का अंतिम चरण चल रहा है, जो धान की रोपाई के लिए उपयुक्त समय माना जाता है। किसानों ने नर्सरी तैयार कर ली है, लेकिन खेतों में रोपाई शुरू करने के लिए वे अब भी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
बारिश न होने से किसान ट्यूबवेल और पंपिंग सेट के माध्यम से खेतों की सिंचाई करने को मजबूर हैं, जिससे डीजल और बिजली की खपत बढ़ने के कारण खेती की लागत भी बढ़ रही है। कई क्षेत्रों में भूजल स्तर नीचे जाने के कारण ट्यूबवेल भी पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहे हैं। किसान महेंद्र सिंह क्योड़क और विक्रम ने बताया कि धान की फसल के लिए बारिश सबसे उपयुक्त है। कृत्रिम सिंचाई से न केवल लागत बढ़ती है, बल्कि फसल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है।
अगले दो से तीन दिनों तक क्षेत्र में आंशिक बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। हालांकि, अच्छी मानसूनी बारिश के लिए अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।
-डॉ. रमेश चंद्र वर्मा, मौसम विशेषज्ञ