गुहला-चीका। सूर्य ग्रहण के अनिष्ट को लेकर आशंकित महिलाओं ने मंगल कामना के गीत गाए व ईष्ट देवी-देवताओं को याद किया। मंगलवार को विश्वकर्मा जयंती के दिन 4:15 बजे सूर्य ग्रहण लगा। सूर्य ग्रहण होते हुए छोटे-छोटे बच्चों ने अपने घरों की छतों पर धूप में हाथों में एक्सरे फिल्म लेकर सूर्य ग्रहण देखा। सूर्य ग्रहण शुरू होते ही मोहल्ले कुछ महिलाएं अपने घर से बाहर आकर गली मोहल्ले में एकत्र हो गई। महिलाओं ने सूर्य ग्रहण से अनिष्ट होने की आशंका को लेकर मंगल कामना के गीत गाए और गरीब लोगों को कपड़े अन्य खाद्य सामग्री देकर पुण्य दान किया। सूर्य ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहे।
सूर्य ग्रहण पूरा होने पर ही मंदिरों के कपाट पुजारियों ने खोलें। घरों में गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण में एहतियात बरतने की परिजनों की ओर से हिदायत दी गई थी। चीका के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर शास्त्री चोटी वाले ने कहा कि ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए क्योंकि इस समय ग्रहण की किरणें हानिकारक होती है, जिसका सीधा असर शिशु पर पड़ सकता है, और ये शिशु के लिए नुकसानदेह मानी जाती है।