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मुगलकाल में रोड़ वंश के थे 511 गांव : इतिहासकार रामदास

Sun, 03 Aug 2025 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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24 ढांड। कार्यक्रम में मौजूद रोड़ समाज के लोग। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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ढांड। अनाज मंडी कौल में शनिवार को रोड़ समाज ने बादली बलिदान दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और उत्तराखंड से रोड़ समाज के लोगों ने भाग लेकर अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की।



रोड़ समाज का ऐतिहासिक दस्तावेज प्रस्तुत

इतिहासकार रामदास ने बादली बंदोबस्त सूची प्रस्तुत करते हुए बताया कि मुगलकाल में रोड़ वंश के पास 511 गांव थे — जिनमें से 288 गांव रोहतक जिले की सीमा में और 233 गांव बाहर स्थित थे। उन्होंने बताया कि जब एक मुगल शासक ने राजा रोड़ से उनकी बेटी का डोला मांगा, तो राजा ने कहा कि हमारे समाज में साटा होता है, यदि आप हमारी बेटी का डोला चाहते हैं, तो अपनी बेटी का भी डोला देना होगा। यह प्रस्ताव ठुकराने के बाद रक्षाबंधन के दिन राजा रोड़ पर हमला किया गया, और तब रोड़ वंश ने सम्मान बचाते हुए स्थानांतरण किया।
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सम्मान और स्वाभिमान की मिसाल

जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने कहा कि रोड़ वंश ने कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया और न आज करेंगे। यही संदेश हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को देना है — जीना भी स्वाभिमान से, और मरना भी स्वाभिमान के साथ।



उन्होंने समाज से दहेज मुक्त विवाह का संकल्प लेने और भारतीय संस्कृति को अपनाने की अपील की। उन्होंने युवाओं के विदेश पलायन पर कहा कि वहां से आने वाली विदेशी मुद्रा का सदुपयोग परिवार और समाज के उत्थान में किया जाए। इतिहास के प्रमाण स्वरूप राजपाल मुहाना ने रोड़ वंश की 32 पीढ़ियों का कुर्सीनामा और बादली क्षेत्र में भूमि रिकॉर्ड दस्तावेजों सहित प्रस्तुत किया।



राजा रोड़ की प्रतिमा स्थापित होगी

विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि सरकार ने कौल बस स्टैंड के पास राजा रोड़ की प्रतिमा लगाने की मंजूरी दे दी है और काम शीघ्र शुरू किया जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि 300+ रोड़ बहुल गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करें और युवाओं को नशे से दूर रखें।



उन्होंने मंच से रोड़ समाज ट्रस्ट की घोषणा की, जिसमें केवल भूतपूर्व सैनिक सदस्य होंगे। साथ ही उन्होंने अपने निजी कोष से 21 लाख रुपये ट्रस्ट को देने की घोषणा की। उन्होंने रोड़ समाज के 300 गांवों में 5-5 दीपक जलाने की अपील भी की।

मंच संचालन अनिल मैहला (उत्तर प्रदेश) और निर्मल दहिया (प्रिंसिपल, आर्य पब्लिक स्कूल, चंदलाना) ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत राजा रोड़ की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
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सम्मेलन में शामिल रहे अनेक विशिष्टजन

इस अवसर पर पशुधन विकास बोर्ड अध्यक्ष धर्मबीर मिर्जापुर, पूर्व विधायक तेजवीर सिंह, मक्खन सिंह, सुलतान जडौला, कलीराम मोरखी, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बलकार अमीन, आईपीएस अधिकारी अशोक रोड़, रोड़ महासभा के पूर्व उपप्रधान राजकिशन, सरपंच कश्मीर पबनावा, कुसुम लता कौल, सतपाल साकरश्व, नरेश आढ़ती सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे और विचार रखे।

24 ढांड। कार्यक्रम में मौजूद रोड़ समाज के लोग। संवाद

24 ढांड। कार्यक्रम में मौजूद रोड़ समाज के लोग। संवाद

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