कलायत। कलायत विधानसभा के गांव शिमला में में डंपिंग यार्ड के तौर पर पंचायत विभाग की ओर से लाखों रुपये से लगाए गए शेड तेज हवा मेंं कागज की तरह बिखर गए। इसके साथ ही दीवार व पिल्लर भी ध्वस्त हो गए। जिस प्रकार डोर टू डोर सफाई का कार्य शुरू होने से पहले ही डंपिंग यार्ड ध्वस्त हुआ उससे ग्रामीणों में पंचायत विभाग के खिलाफ रोष है।
यूथ पावर ग्रुप प्रधान आशीष मोर ने बताया कि करीब एक माह पहले ही डंपिग यार्ड का निर्माण किया गया था। अभी इसे शुरू भी नहीं किया गया था। इससे पहले ही यह ध्वस्त हो गया। काफी समय तो ग्रामीण शैड के टूटे हिस्से को ढूंढ ही नहीं पाए। बाद में काफी दूर शैड कई हिस्सों मेंं इधर-उधर बिखरा मिला। गनीमत रही कि घटना के दौरान कोई आसपास नहीं था। ग्रामीणों ने स्वच्छता से जुड़े बड़े बजट के नाम पर पंचायत विभाग और निर्माण एजेंसी पर गोलमाल के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की अव्यवस्था यह दिखा रही है कि निर्माण के नाम केवल लीपापोती का खेल चल रहा है। इसलिए एजेंसी को बिना देरी ब्लैक लिस्ट किया जाना चाहिए। इसके साथ ही जिन गांवों मेंं इन शैडों का निर्माण किया गया है उनके भुगतान को रोकते हुए जांच की जाए।
अधिकारियों को भेजी सूचना
ग्राम पंचायत शिमला के सरपंच रामचंद्र ने कहा कि ग्रामीणों ने उन्हें डंपिंग यार्ड के ध्वस्त होने की सूचना दी। मामले की जानकारी पंचायत विभाग के अधिकारियों को फोटो-वीडियो ग्राफी सहित दी गई है। गांव में स्वच्छता मिशन को गति देने के लिए डंपिंग यार्ड का निर्माण किया गया था। फिलहाल डोर टू डोर सफाई का कार्य शुरू नहीं हो पाया था।