संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। मार्केट कमेटी व लोक निर्माण विभाग की अनदेखी के कारण डेरा गोबिंदगढ़ से सिरटा जाने वाली दो किलोमीटर की सड़क खस्ताहालत में है। जिससे कई गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे सड़क के निर्माण के लिए दोनों विभागों के कार्यालयों के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन इस सडक़ का निर्माण अभी तक नहीं शुरू कराया गया
ग्रामीणों के अनुसार मार्केट कमेटी ने डेरा गोबिंदगढ़ से सिरटा रोड को लोक निर्माण विभाग को हैंड ओवर किया है। लोक निर्माण विभाग के कार्यालय के अनुसार मार्केट कमेटी ने रोड हैंड ओवर की औपचारिकताएं पूरी न करने पर कार्यालय ने इस रोड को अपने अधीन लिया ही नहीं है। लोक निर्माण विभाग ने मार्केट कमेटी के सड़क को सौंपने के प्रस्ताव को वापस भेज दिया है। सड़क खराब होने के कारण गांव खेड़ी गुलाम अली, नागल, गोहरा, मांझला, गोघ, प्रभावत, डेरा गोबिंदपुरा के लोग मजबूरी में फर्श माजरा और सीवन की ओर से जाने पर मजबूर है। डेरा गोबिंदगढ़ से सिरटा दो किमी रोड बनने से ग्रामीणों का सफर और समय दोनों बच जाएंगे। अभी तक ग्रामीणों को यह भी समझ नहीं आ रहा है कि इस रोड का निर्माण किस विभाग ने करवाना है।
गांव खेड़ी गुलाम अली के सरपच गगनदीप सिंह ने कहा कि विभागों की आपसी खींचतान के चलते आमजन को सजा मिल रही है। सरपंच ने कहा की जल्द ही सभी गांवों के सरपंच सडक़ को न बनाने वाले विभागों की कार्य प्रणाली को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के संज्ञान में लाएंगे ताकि दो किलोमीटर के सडक़ के टुकड़े को जल्द बनवाकर आमजन की आवागमन को सुविधाजनक बनाया जा सके।
वाहनों पर लगे प्रेशर हॉर्न बने परेशानी
सीवन। नगर में दौड़ रहे वाहनों पर लगे प्रेशर हॉर्न लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। अधिकतर युवा तेज गति से बजने वाले इन हॉर्न को लगातार बजाते हैं जिसके कारण से लोगों को दिक्कत हो रही है। बहुत से युवाओं ने अपने स्कूटर व मोटरसाइकिलों पर प्रेशर हॉर्न लगवाए हुए हैं। इन हॉर्न की आवाज बहुत तेज है। कई बार अचानक से ही वाहन चालक हॉर्न बजा देते हैं जिसके कारण लोग डर जाते हैं।
सुभाष गर्ग, नरेश मित्तल, गौरव वधवा, गुलशन चुघ, राज कुमार वधवा, मोहित बंसल, अभिषेक मेहता, महावीर मंगला व अन्य नगर निवासियों ने कहा कि नगर का माडल संस्कृति स्कूल बाजार के बीच में है और साथ ही मेन रोड पर कई अस्पताल भी बने हुए हैं जहां पर मरीजों का इलाज होता है। ऐसे में अचानक से तेज गति से बजने वाले इन हॉर्न के कारण बच्चों का ध्यान भटकने से उनकी पढ़ाई बाधित होती है। अस्पतालों में मरीजों को भी इसके कारण से परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पुलिस व प्रशासन से प्रेशर हॉर्न पर रोक लगाने की मांग की।