संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कोहरे और धुंध के मौसम से पहले रोडवेज विभाग ने बसों की मरम्मत और सुरक्षा इंतजामों को लेकर तैयारी तेज कर दी है। विभाग की ओर से सभी चालकों को बसें धीमी गति में चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, बसों पर रिफ्लेक्टर टेप लगवाई गई हैं, ताकि कोहरे के मौसम में दृश्यता कम होने पर हादसों की संभावना घटाई जा सके।
रोडवेज की वर्कशॉप में बसों के शीशों और खिड़कियों की मरम्मत का कार्य भी चल रहा है। अब तक लगभग 15 पुरानी बसों की खिड़कियां ठीक की जा चुकी हैं, जबकि बची हुई बसों की मरम्मत अगले एक सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। इसी तरह 10 बसों के टूटे हुए शीशे बदले जा चुके हैं। विभाग जल्द ही पुरानी बसों पर फॉग लाइटें लगाने का काम शुरू करेगा। नई बसों में पहले से ही फॉग लाइटें लगी हुई हैं। वर्कशॉप कर्मियों ने अब तक लगभग 10 बसों के कट्टे-फटे टायर बदल दिए हैं। इसके अलावा इंजन की सर्विसिंग और मरम्मत का काम भी जारी है, ताकि ठंड के कारण बसों के स्टार्ट न होने की स्थिति में यात्रियों को असुविधा न हो।वर्तमान में कैथल डिपो में कुल 197 बसें हैं, जिनमें 174 रोडवेज की और 23 लीज पर चलने वाली बसें शामिल हैं। इनमें बीएस-3 की 52, बीएस-4 की 47 और बीएस-6 की 75 बसें हैं।
बसों की खिड़कियां ठीक करवा लीं
रोडवेज चालक मंदीप ने बताया कि सर्दी के मौसम को देखते हुए सभी बसों की खिड़कियां पहले ही ठीक करवा ली गई थीं। इससे यात्रियों और चालकों को ठंडी हवाओं से राहत मिलेगी।
धुंध से पहले बसों की मरम्मत करवाई जाए: राजेंद्रयात्री राजेंद्र ने कहा कि “ठंड के मौसम में बसें रूट पर खराब हो जाती हैं, इसलिए प्रशासन को धुंध शुरू होने से पहले ही सभी बसों की मरम्मत करवा लेनी चाहिए, ताकि यात्रियों को परेशानी न झेलनी पड़े।”
निजी वाहनों को लेकर भी प्रशासन गंभीर
डीसी प्रीति ने निजी वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगवाएं। उन्होंने कहा कि धुंध के दौरान रिफ्लेक्टर टेप न होने से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। कई सड़कों पर स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण रिफ्लेक्टर ही पीछे से आने वाले वाहन को आगे किसी वाहन की मौजूदगी का संकेत देता है। इसलिए यह वाहन सुरक्षा के लिए अत्यंत जरूरी है।
बसों में रिफ्लेक्टर टेप लगवाई गई हैं, ताकि घने कोहरे में दुर्घटना की आशंका न रहे। चालकों को निर्धारित गति में बस चलाने के आदेश दिए गए हैं, क्योंकि कोहरे में तेज गति दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनती है। -अनिल कुमार रोडवेज वर्कशॉप मैनेजर