कलायत। पूंडरी ड्रेन के ओवर फ्लो होने से कलायत विधानसभा क्षेत्र की करीब 20 हजार एकड़ कृषि भूमि के साथ इससे सटे आवासीय क्षेत्रों में भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इससे आसपास के ग्रामीणों मेें दहशत का माहौल है। गंभीर समस्या को देखते हुए उन्होंने कलायत एसडीएम से मुलाकात कर समाधान की गुहार लगाई। दूसरी ओर सिंचाई विभाग का कहना है कि ड्रेन के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए पांच पंपसेट लगाए गए हैं। इसके साथ आपात स्थिति से निपटने के लिए दो अन्य पंप की व्यवस्था की गई है।
किसानों का कहना है कि ड्रेन की स्थिति को देखते हुए हालात पर नजर रखी जा रही है। वर्तमान में ड्रेन कई स्थानों से टूट चुकी है और इसका पानी फसलों को नष्ट कर रहा है। बिजली निगम की तरफ से मांग के अनुरूप सप्लाई नहीं मिल रही। इसके चलते पंप हाउस काम नहीं कर पा रहे। समस्या की गंभीरता को देखते हुए किसानों के शिष्टमंडल ने सहारण खाप के पूर्व प्रधान रामपाल खरक, रिटायर्ड फौजी कृष्ण कुमार, दिलबाग सिंह, बलिंद्र, शमशेर सिंह, सतीश कुमार, कर्मवीर के नेतृत्व में कलायत एसडीएम से मुलाकात की।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सिंचाई विभाग द्वारा लगाए गए पांच पंप सफेद हाथी बने हैं। उन्होंने खराब हो रहे हालात का ठीकरा बिजली निगम के अधिकारियों पर भी फोड़ा। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांग के अनुरूप जल्द बिजली सप्लाई नहीं दी गई तो वे सड़कों पर उतरने को विवश होंगे। दूसरी ओर सिंचाई विभाग तकनीकी विंग के एसडीओ सुमित मौण ने बताया कि पूंडरी ड्रेन के जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए पांच पंप सेट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा दो पंपों की विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए व्यवस्था की गई है। बिजली विभाग के एसडीओ से संपर्क करते हुए सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है। उन्होंने इसका आश्वासन दिया है। रात्रि से ड्रेन में जल स्तर कम होना शुरू हो जाएगा। किसान चिंतित न हों उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
495 क्यूसिक है ड्रेन की क्षमता
पूंडरी ड्रेन सिसला-सिसमौर से शुरू होती है और इसका अंतिम छौर कलायत में है। इसकी पानी क्षमता 495 क्यूसिक है। इस ड्रेन पर करीब 20 हजार एकड़ कृषि रकबा निर्भर है। वर्तमान में ड्रेन का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। इन परिस्थितियों के चलते किसानों की नींद उड़ी है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिरकार वे कैसे इस प्रकार की व्यवस्था से निपटें।