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डोर टू डोर कचरा नहीं हो रहा शहर से एकत्रित

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शहर में डोर टू डोर कूड़ा एकत्रित करने के लिए टेंडर न होने के कारण कचरा एकत्रित करने का कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। नगर परिषद द्वारा बिना ठेकेदार के सीधा कर्मचारियों से कचरे का उठान करवाया जा रहा है। जिसके लिए उपलब्ध 11 में से पांच टिप्पर (कचरा एकत्रित करने का वाहन) खराब पड़े हैं। एक टिप्पर को इमरजेंसी के लिए रखा जाता है। शेष पांच टिप्पर से काम जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है।
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विदित रहे कि करीब सात माह पहले डोर टू डोर का टेंडर रद्द कर दिया गया था। उस समय शहर में लगातार शिकायतें रहती थीं कि शहर से कचरे का उठान ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा। इसके बाद नगर परिषद की ओर से नए सिरे से टेंडर लगाने का प्रयास किया गया। जिसे विभाग मुख्यालय ने यह कहकर रोक दिया कि क्लस्टर स्तर पर डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने के लिए टेंडर होना है। लेकिन यह टेंडर आज तक नहीं हो पाया है। अब जैसे-तैसे नगर परिषद द्वारा उन्हीं कर्मचारियों के माध्यम से कचरे का उठान करवाया जा रहा है, जो ठेकेदार के माध्यम से काम कर रहे थे।
एक कर्मचारी ने बताया कि 31 वार्डों में घर-घर जाकर कचरा एकत्रित करने के लिए 11 टिप्पर थे। जिनमें से पांच खराब हो चुके हैं। एक को इमरजेंसी सेवा के लिए रखा जाता है। शेष पांच से हर वार्ड में दो या तीन दिन बाद भेजकर कचरा एकत्रित करवाया जा रहा है। जिससे काम प्रभावित हो रहा है।
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जिला सतर्कता कमेटी की बैठक में सांसद नायब सैनी ने डोर टू डोर के लिए विभाग मुख्यालय से टेंडर होने तक वेकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए जा चुके हैं। लेकिन आज तक नगर परिषद की ओर से इस दिशा में काम नहीं किया गया है। कोई नया वाहन नहीं खरीदा गया है और न ही कोई वाहन किराये पर लेकर कचरा एकत्रित करने का काम किया जा रहा है।
इस संबंध में पार्षद विनोद सोनी ने कहा कि वार्ड से नियमित तौर पर कचरा एकत्रित नहीं हो पा रहा है। दूसरे दिन गाड़ी आती है। हर रोज कचरा उठान होना चाहिए। बिजली घर के सामने नया प्वाइंट बना दिया गया है। कई बार सायं तक कचरा वहीं पर पड़ा रहता है। वहीं पार्षद दीपक शर्मा ने कहा कि उनके वार्ड में लोगों को खाली प्लाटों में कचरा डालना पड़ रहा है। बार-बार नगर परिषद अधिकारियों से मांग करते हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। कचरा एकत्रित न होने के कारण सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। उधर पार्षद वीरेंद्र बिल्लू ने कहा कि अब तो नगर परिषद अधिकारियों को कहना ही छोड़ दिया है। उनके वार्ड में कोई गाड़ी कचरा एकत्रित करने नहीं आती। डीएमसी कार्यालय तक शिकायत की जा चुकी है। कोई सुनवाई नहीं की जा रही।
डीएमसी कुलधीर सिंह ने कहा कि बैठक में यह बात सामने आई थी। सांसद महोदय ने इस संबंध में निर्देश दिए थे। नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश स्तर पर टेंडर होने तक वेकल्पिक व्यवस्था की जाए। इसके लिए जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा।
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