संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों और निकाय कर्मियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था ठप हो गई है। गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य बाजारों तक में गंदगी फैल गई है। एजेंसी के अधीन डोर टू डोर कचरा उठान कर रहे कर्मचारियों ने भी निकाय कर्मियों के समर्थन में काम बंद कर दिया है। अनुमान अनुसार, करीब 300 टन कचरा शहर में पड़ा है।
कर्मचारियों की हड़ताल का सबसे बुरा असर शहर के मुख्य बाजारों, व्यस्त चौकों और शिक्षण संस्थानों के बाहर देखने को मिल रहा है। स्कूलों और कॉलेजों के मुख्य द्वारों के ठीक सामने कचरे के ढेर लग गए हैं। इससे वहां से गुजरने वाले छात्रों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाजारों में दुकानों के आगे भी कचरा डंप हो गया है, जिससे बदबू के कारण व्यापार करना भी दूभर हो चुका है। कचरे के सड़ने से अब शहर में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी लगातार मंडराने लगा है।कुरुक्षेत्र में प्रदेश के राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ कर्मचारी नेताओं की तीन दौर की मैराथन बैठकें हुईं, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
वार्ता विफल रहने के बाद कर्मचारी संघ ने अपनी हड़ताल को आगामी 24 अगस्त तक जारी रखा है। इसके चलते आने वाले दो दिनों में शहरवासियों की मुश्किलें और अधिक बढ़ने वाली हैं।
कर्मचारी संघ के जिला सचिव शिवचरण ने बताया कि बैठक में मुख्य मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। कर्मचारी संघ का साफ कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को लिखित में स्वीकार नहीं करती, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
शहर के माता गेट पर लगा कचरे का अंबार। सोशल मीडिया