कैथल। नारायण सेवा संस्थान के दिव्यांगों के लिए किए जा रहे काम को देखते हुए ज्ञान उदय पब्लिक स्कूल की संचालक डा. दया गुप्ता इतनी प्रभावित हुई कि दिव्यांगों के लिए कृत्रिम अंग बनाने व उन्हें विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों का प्रशिक्षण देने के लिए पांच सौ वर्ग गज जगह दान में दे दी। अब उदयपुर के बाद संस्थान कैथल में कृत्रिम अंग बनवाएगा। इससे दिव्यांगों की सेवा हो सके।
गौरतलब है कि नारायण सेवा संस्थान दिव्यांगों की सेवा के क्षेत्र में काफी काम कर रहा है। लंबे समय से दिव्यांगों को कृत्रिम अंग देने व उन्हें अन्य सुविधाओं की दिशा में काम किया जा रहा है। अब तक कैथल से पैमाइश लेकर संस्थान उदयपुर में अपने केंद्र में कृत्रिम अंग बनवाता रहा है। अब कृत्रिम अंग कैथल में ही बनाए जा सकेंगे।
भूमि दान करने के बाद डॉ. दया गुप्ता ने कहा कि अब उनके जीवन में समाज सेवा ही एक लक्ष्य है। उनकी वजह से किसी दुखी व्यक्ति का दर्द दूर हो सके, यही उनके जीवन की एकमात्र अभिलाषा है। भगवान ने इस सेवा कार्य के लिए उन्हें निमित्त बनाया इसके लिए उन्होंने भगवान का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य पर सभी कर्ज में से एक कर्ज समाज का होता है। उन्होंने समाज सेवा के लिए यह जगह दान देकर समाज का ऋण उतारने का प्रयास किया है। इस भूमि में एक नारायण सेवा केंद्र का निर्माण किया जाएगा। संस्थान के उत्कृष्ट सेवा प्रकल्पों को देखते हुए डॉ. दया गुप्ता ने 4800 वर्ग फुट जगह संस्था द्वारा बनाए जाने वाले नारायण सेवा केंद्र के लिए निशुल्क दान में दी। ज्ञान उदय पब्लिक स्कूल की संचालक डॉ. दया गुप्ता ने शिक्षा के क्षेत्र में तो अपना नाम कमाया ही है, इसके साथ-साथ एक समाज सेविका के रूप में लोगों की अलग-अलग प्रकार से मदद करके पूरे क्षेत्र और समाज के लिए एक उदाहरण बन गई हैं।
नारायण सेवा संस्थान उदयपुर से आए जतन सिंह बाटी एवं गणपत व नारायण सेवा संस्थान शाखा कैथल के सभी सदस्यों ने डॉ दया गुप्ता का धन्यवाद किया। इसके साथ ही लोगों से अपील की कि इस सेवा केंद्र को बनाने के लिए अधिक से अधिक सहयोग करें। डॉ. विवेक गर्ग ने बताया कि यह सेवा केंद्र कैथल ही नहीं अपितु पूरे हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के लोगों को अपना लाभ पहुंचाने में मददगार साबित होगा।