संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में बेहोशी की चिकित्सक ने इस्तीफा देने का अपना फैसला बदल लिया है। इसके बाद अब अस्पताल प्रबंधन ने भी एनेस्थीसिया डाॅ. मीतू गोयल का अनुबंध बढ़ा दिया है।
कुछ समय पहले ही इस चिकित्सक ने अस्पताल की नौकरी छोड़ने की बात कही थी, लेकिन अब उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया है। इससे अस्पताल प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। इस समय सामान्य अस्पताल में बेहोशी के दो चिकित्सक हैं।
पिछले माह डाॅ. मीतू ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया था। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को नोटिस भी दे दिया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई थी। अब बेहोशी की चिकित्सक की ओर से बदले गए फैसले के बाद मरीजों सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को राहत मिली है।
पहले ही चिकित्सकों का टोटा
जिला नागरिक अस्पताल में पहले से ही चिकित्सकों का भारी टोटा है। यहां पर स्वीकृत 56 पदों में से महज 20 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। इनमें बीमारियों के तो महज 10 विशेषज्ञ ही हैं। ऐसे में डाक्टरों के रिक्त पदों के कारण लोगों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। वहीं, जिला नागरिक अस्पताल के गायिनी विभाग में चिकित्सकों के रिक्त पदों के कारण गर्भवती महिलाओं को जांच व डिलीवरी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सभी छह पद रिक्त पड़े हुए हैं। दो दिन पहले ही महिला रोग विशेषज्ञ डा. सुमन ने इस्तीफा छोड़ दिया था। अब एक भी महिला रोग विशेषज्ञ स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है।
जिला नागरिक अस्पताल में बेहोशी की चिकित्सक ने इस्तीफा देने का फैसला अब बदल लिया है। ऐसे में अब एनेस्थीसिया डाॅ. मीतू गोयल नौकरी नहीं छोड़ेगी। इसके बाद मरीजों को ऑपरेशन करवाने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आएगी। - डा. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।