संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और नागरिकों को रात में शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त प्रीति ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिले के सभी मैरिज पैलेस, बरात घर और सामुदायिक केंद्रों में रात 10 बजे के बाद डीजे बजाना प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीसी ने बताया कि कई स्थानों पर बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और विभागीय अनुमति के मैरिज पैलेस, बारात घर एवं सामुदायिक केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिनमें देर रात तक डीजे बजने से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और आमजन को परेशानी होती है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी प्रतिष्ठानों की जांच के लिए निरीक्षण कमेटी बनाई गई है।
कमेटी करेगी निरीक्षण ः डीसी की गठित विशेष कमेटी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय कैथल के क्षेत्रीय अधिकारी, नगर परिषद/ नगरपालिका के कार्यकारी अधिकारी या सचिव, संबंधित थाना प्रभारी (एसएचओ) और अग्निशमन अधिकारी शामिल होंगे।
कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि जिले में स्थित सभी मैरिज पैलेस, बरात घर और सामुदायिक केंद्रों का औचक निरीक्षण कर यह रिपोर्ट 10 दिन के भीतर उपायुक्त कार्यालय में भेजी जाए।
रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि क्या प्रतिष्ठान संबंधित विभागों से एनओसी लेकर संचालित हो रहे हैं या नहीं, और क्या उनमें अग्निशमन प्रणाली (फायर सिस्टम) सक्रिय है। बिना अनुमति संचालित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने कहा कि जनहित सर्वोपरि है, और जिला प्रशासन ध्वनि प्रदूषण पर शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम करेगा ताकि नागरिकों की रात्रि शांति भंग न हो।