संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। सड़क सुरक्षा मंच गुहला के सदस्यों की एक बैठक एडवोकेट जीवानंद कौशिक की अध्यक्षता में गिरनार स्वीट्स में हुई। इसमें गुहला क्षेत्र की जर्जर सड़कों की स्थिति, निर्माण गुणवत्ता और लंबित फोरलेन परियोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
मंच के सदस्य एडवोकेट जीवानंद कौशिक, नरेश ढांडे, डॉ. साहब सिंह संधू और राजपाल राणा ने कहा कि क्षेत्र में बनने वाली अधिकांश सड़कों की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की होती है, जिसके कारण वे निर्धारित समय से पहले ही टूट जाती हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस संबंध में जल्द ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री और कैथल के उपायुक्त से मुलाकात की जाएगी।
चीका-कैथल रोड के फोरलेन निर्माण पर जोर : मंच के सदस्यों ने बताया कि चीका-कैथल रोड क्षेत्र का अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। लगभग तीन वर्ष पूर्व इस मार्ग को फोरलेन किए जाने की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ज्ञापन में इस फोरलेन परियोजना को शीघ्र प्रारंभ करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। सीए कौशल और विक्रमजीत सिंह नंबरदार ने कहा कि चीका को पेहवा, खरकां और समाना से जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों का निर्माण भी प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके।
गुणवत्ता निगरानी के लिए कमेटी गठन की मांग
नरेश ढांडे और राजपाल राणा ने कहा कि सड़कों का निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो और वे लंबे समय तक टिकाऊ रहें, इसके लिए एक निगरानी कमेटी का गठन किया जाना चाहिए। इस कमेटी में मंच के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की मांग मंत्री और उपायुक्त के समक्ष रखी जाएगी, ताकि कार्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। मंच के सदस्यों ने यह भी निर्णय लिया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को मांग पत्र भेजकर यमुनानगर से आने वाले हाईवे को चीका से होते हुए जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की मांग की जाएगी। उनका कहना है कि ऐसा होने से गुहला क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।