संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत अनाज मंडी में पिछले करीब तीन सप्ताह से व्यापारियों और स्थानीय ट्रक चालकों के बीच चल रहे विवाद ने धान के बंपर सीजन में मंडी की व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। इस गतिरोध के कारण सैंकड़ों स्थानीय ट्रक चालकों को धान ढुलाई का काम नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
शनिवार को स्थानीय ट्रक चालकों काला प्रधान, सुरेश कुमार, जयप्रकाश, रिंकू आदि ने बैठक करके कुछ व्यापारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। आरोप लगाते हुए कहा कि इस साल वे ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाहर से मंगाए गए संसाधनों से धान ढुलाई करवा रहे हैं। नतीजा, स्थानीय ड्राइवर खाली बैठे हैं, ट्रकों की किश्तें रुक गई हैं और परिवार चलाने का दोहरा दबाव बढ़ गया है। संकट का हल कराना जरूरी है।
वहीं, मंडी एसोसिएशन के प्रधान अनिल गालव और उपप्रधान संदीप मटोर का कहना है कि ट्रक यूनियन के सदस्य बाहर से बुलाई जा रही गाड़ियों के ड्राइवरों को डराकर परेशान कर रहे हैं और जाम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। इस विवाद के बीच मंडी में धान के बड़े-बड़े ढेर पड़े हैं और किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद भी उठान के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
दोनों और से विवाद गहराने के बाद व्यापारियों की बैठक हुई और ट्रक यूनियन चालकों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई। इस खींचतान से किसान भी परेशान हो रहे हैं। उन्हंने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि खुले में पड़े धान के खराब होने का खतरा टाला जा सके। मंडी में
उनकी फसल भी खराब हो सकती है।
दूसरी ओर पुलिस प्रशासन भी सक्रिय है। थाना प्रभारी सतपाल पोसवाल ने बताया कि मंडी में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं फैलने दी जाएगी। पुलिस टीम लगातार गश्त कर रही है और गैर-कानूनी ढंग से परेशान करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
25केएलटी1: ट्रैक्टरों से हो रही धान की ढुलाई- फोटो : kishtwar news