कैथल। एमए इंग्लिश तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए सोमवार को शार्लोट ब्रॉन्टे की कृति जेन आयर पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मविश्वास प्रदान करना और उन्हें विक्टोरियन साहित्य की बारीकियों पर चर्चा करने के लिए मंच उपलब्ध कराना था।
संगोष्ठी में पांच विद्यार्थियों ने उपन्यास के विभिन्न पहलुओं पर शोधपत्र प्रस्तुत किए। आशु ने जेन आयर एज़ अ फेमिनिस्ट टेक्स्ट विषय पर विचार रखते हुए बताया कि यह उपन्यास किस प्रकार पितृसत्तात्मक मान्यताओं को चुनौती देता है। अन्नु ने जेन आयर और मिस्टर रोचेस्टर के संबंध विषय पर प्रेम, शक्ति और पारस्परिक सम्मान की थीम को स्पष्ट किया। इसी कड़ी में ममता, रिमझिम और शगुन ने क्रमशः जेन आयर का चरित्र-चित्रण, उपन्यास का समापन और जेन आयर को एक बिल्डुंग्सरोमान के रूप में प्रस्तुत किया।
प्रस्तुतियों के बाद चर्चा एवं प्रश्नोत्तर सत्र हुआ, जिसने विद्यार्थियों के विश्लेषणात्मक कौशल को प्रोत्साहित किया और उन्हें सहयोगात्मक शिक्षा का अनुभव प्रदान किया। जेन आयर के फिल्म रूपांतरण का प्रदर्शन भी किया गया। इस स्क्रीनिंग ने विद्यार्थियों को साहित्यिक पाठ को दृश्यात्मक दृष्टिकोण से जोड़ने, लेखन और दृश्य-रूपांतरण के मध्य संबंध स्थापित करने तथा विक्टोरियन परिवेश और पात्रों की भावनात्मक गहराई को अनुभव करने का अवसर प्रदान किया। अंत में प्राचार्य प्रो. राजबीर पराशर, संयोजक प्रो. गीता गोयल और अन्य उपस्थित सदस्यों ने विद्यार्थियों को बधाई दी। संवाद