संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। वार्ड नंबर 6 और 7 में बड़ी राजपूत चौपाल से सजूमा रोड को जोड़ने वाली मुख्य गली इन दिनों गंदे पानी और कीचड़ से लबालब है। सीवरेज से निकलकर गंदा पानी लगातार गली में जमा हो रहा है, जिससे आसपास के निवासियों का जीवन बेहद कठिन हो गया है। दुर्गंध, मच्छरों और जहरीले कीड़ों के कारण हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जलभराव के चलते घरों तक पहुंचना भी चुनौती बन गया है। कई परिवार मजबूरी में अपने घरों को ताला लगाकर अन्य स्थानों पर शिफ्ट होने लगे हैं। गोपाल, प्रीतम, राघव राणा, अभिषेक और विद्या देवी ने बताया कि करीब आठ वर्ष पहले सीवरेज डालने के बाद से ही यह समस्या लगातार बनी हुई है। आबादी के अनुरूप पाइप का आकार और ढलान सही न होने के कारण गंदा पानी उल्टा गली में भर जाता है।
निर्माण पर खर्च, समाधान नहीं : निवासियों का कहना है कि नगरपालिका ने दो माह पहले लाखों रुपये खर्च कर गली का निर्माण कराया, लेकिन सीवरेज समस्या का स्थायी समाधान किए बिना यह कार्य बेअसर साबित हुआ। राघव राणा ने बताया कि इसी गली में मां बसंती और ग्यारह रुद्री मंदिर स्थित हैं, जहां सुबह चार बजे से श्रद्धालुओं का आना-जाना शुरू हो जाता है, लेकिन कीचड़ और गंदगी के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए बढ़ी परेशानी : गली से होकर स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण घरों का गंदा पानी और सीवरेज का ओवरफ्लो यहीं जमा हो जाता है, जिससे संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना हुआ है। यह गली क्षेत्र का प्रमुख मार्ग है, जहां दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है, लेकिन मौजूदा हालात के कारण यातायात भी बाधित हो रहा है। अभिषेक राणा ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार नगरपालिका, जन स्वास्थ्य विभाग, एसडीएम कार्यालय और सीएम विंडो पर शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
कनिष्ठ अभियंता रवि पूनिया ने चेतावनी दी है कि सीवरेज में गोबर डालने वालों को नोटिस जारी किए जाएंगे और नियमों की अनदेखी करने पर उनके कनेक्शन भी काटे जा सकते हैं।
शहर में सीवरेज जाम की सबसे अधिक समस्या इसी क्षेत्र में सामने आ रही है। बार-बार चेतावनी के बावजूद कुछ लोग पशुओं का गोबर सीवरेज में बहा देते हैं, जिससे पाइपलाइन जाम हो जाती है। सीवरेज की सफाई के लिए मशीन मंगवाई गई है और बुधवार से विशेष सफाई अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। -रवि पूनिया, कनिष्ठ अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग