संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के होनहार फुटबॉल खिलाड़ी भगत सिंह कॉलोनी निवासी दीनू ने कड़ी मेहनत, अनुशासन व लगन से कम उम्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। वह फुटबॉल का जगमगाता सितारा बन चुका है तथा जिले व प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
दिसंबर 2004 को जन्मे 11वीं के छात्र दीनू अखिल भारतीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ते हैं। पिता अमर सिंह रेड़ा चलाते हैं, माता गोरा गृहिणी हैं। प्रोफेशनल फुटबॉलर बनने के लिए वह पुलिस लाइन में कड़ा अभ्यास करते हैं।
इन क्लबों में दिखाई प्रतिभा का लोहा
फुटबॉल सफर में दीनू ने देश की प्रतिष्ठित अकादमियों व क्लबों में खेला: मिनर्वा अकादमी (पंजाब), कुलजीत अकादमी (अमृतसर), सिग्नेचर एफसी (दिल्ली), कॉर्बेट एफसी (उत्तराखंड), दिल्ली एफसी, जुबा सांग एफसी (दिल्ली) तथा फरूका एफसी (अंबाला)। कई बड़े क्लबों के साथ अवसर मिले।
प्रमुख उपलब्धियां
n
दीनू ने अनेक ऑल इंडिया ओपन टूर्नामेंट, स्थानीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जहां बेस्ट प्लेयर व टॉप स्कोरर खिताब जीते।
n उपलब्धियां: एसजीएफआई स्कूल गेम्स नेशनल 2023-24 (अंडमान निकोबार), 2024-25 (जम्मू-कश्मीर) सीबीएसई क्लस्टर स्टेट गोल्ड मेडल, फेडरेशन गेम्स नेशनल गोल्ड, सुब्रोतो स्टेट गेम्स, पंजाब लीग गोल्ड, हरियाणा लीग गोल्ड।
n
हाल में 20वीं एडमिनिस्ट्रेटर चैलेंजर कप जीता, हरियाणा टीम के कप्तान रहे। वर्तमान में यू-18 आई-लीग खेल रहे, जो प्रोफेशनल फुटबॉल का महत्वपूर्ण मंच है। रिलायंस कप में टीम द्वितीय, दीनू को गोल्डन बूट अवॉर्ड।
कोच और माता-पिता को देते हैं सफलता का श्रेय
दीनू ने 2014 से फुटबॉल शुरू किया था। वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और कोच पवन सैनी को देते हैं। कहते हैं- कोच पवन सैनी के मार्गदर्शन, मेहनत व विश्वास ने मुझे यह मुकाम दिलाया।” उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना है।