कैथल। छात्रावास रोड पर स्थित दुकानों में व्यापार कर रहे दुकानदार इन दिनों सतत डर और असुरक्षा की स्थिति में जीने को मजबूर हैं। दुकानों की जर्जर हालत के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। दुकानदार अनिल कुमार ने बताया कि वह साल 2003 से अपनी किराने की दुकान चला रहे हैं। हाल ही में जब उनकी दुकान पर एक महिला ग्राहक खड़ी थी, तो छत का एक बड़ा टुकड़ा टूटकर उसके ऊपर गिर गया। गनीमत रही कि महिला बाल-बाल बच गई। एक अन्य दुकानदार पंकज ने बताया कि उनकी दुकान का पिछला हिस्सा पूरी तरह जर्जर हो चुका है और वह कभी भी गिर सकता है। अब उन्होंने उस जगह पर सामान रखना भी बंद कर दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन और छात्रावास कमेटी से मरम्मत या नए सिरे से निर्माण की अपील की, अन्यथा कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार, इस रोड पर साल 1970 में छात्रावास बनाया गया था। उस समय गांव से शहर तक यातायात के साधन सीमित थे और बिजली की सुविधा भी नहीं थी। छात्रों की सुविधा के लिए छात्रावास के नीचे दुकानें बनाई गई थीं। मगर अब ये दुकानें व्यापारी और ग्राहकों के लिए खतरे का सबब बन गई हैं। दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यहां किसी भी समय गंभीर दुर्घटना हो सकती है। संवाद