कैथल। गुहला चीका ब्लॉक के बलबेहड़ा गांव के युवाओं ने सर्कल कबड्डी के मैदान पर गांव का नाम अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकाया है। नशे से दूर रहकर युवाओं ने खेल के मैदान पर खूब कमाल दिखाया है। पिछले तीन वर्षों में गांव के युवाओं ने 115 के करीब कबड्डी टूर्नामेंट जीतकर लाखों रुपये की नकद राशि और बाइकें जीती हैं। गांव के गुरमेल सिंह मैहला और संदीप कौशिक उर्फ बिल्ला अंतरराष्ट्रीय स्तर के सर्कल कबड्डी खिलाड़ी हैं। पिछले दिनों पाकिस्तान में हुई प्रतियोगिता में बिल्ला और मैहला भारतीय टीम का हिस्सा थे। दोनों खिलाड़ी सर्कल कबड्डी टीम में कैचर की भूमिका निभाते हैं। प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी एक बार भी उनकी पकड़ में आ जाए तो छूटना मुश्किल हो जाता है। अपने खेल कौशल के दम पर बहुत कम समय में गांव की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है।
अंतरराष्ट्रीय सर्कल कबड्डी खिलाड़ी संदीप कौशिक उर्फ बिल्ला बलबेहड़ा ने बताया कि बचपन से ही सर्कल कबड्डी में रुचि बन गई थी। 10 वर्ष की आयु में पहली बार स्कूली नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। 2017 में आयोजित प्रतियोगिता में बेस्ट कैचर रहकर बाइक जीती। 2019 में पहली बार मलेशिया खेलने गया। यहां बेस्ट कैचर का खिताब जीता। अब वह दो वर्षों से लगातार बाइक जीत रहे हैं। अब तक 20 से से अधिक बाइकें जीत चुके हैं। इसके अलावा छह गोल्ड मेडल, हरियाणा और पंजाब में हुई प्रतियोगिताओं में जीते हैं। संदीप ने एक बुलेट गाड़ी, वाशिंग मशीन भी जीती। उनके चाचा मुकेश कुमार ने भी उन्हें स्विफ्ट कार देकर सम्मानित किया।
अंतरराष्ट्रीय सर्कल कबड्डी खिलाड़ी गुरमेल सिंह मैहला ने बताया कि वह अब तक सात मोटरसाइकिलें इनाम में जीत चुके हैं। 12 के करीब एलईडी जीती हैं। मलेशिया की धरती पर खेलने के लिए गए थे। अच्छा प्रदर्शन रहा था। हरियाणा, पंजाब सहित विभिन्न जगहों पर खेलकर बेस्ट कैचर का इनाम जीता है। फरल गांव में आयोजित प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने पर सम्मानित किया गया। इसमें बुलेट मोटरसाइकिल आयोजकों ने इनाम के रूप में दी। तैयारी करवाने में कोच सुरेश की भूमिका अहम रही है। मैहला ने बताया कि गांव के हर घर से घी, दूध और दूसरी खुराक मिलती है। पंचायत का भी खेलों में सहयोग मिलता है।