जिला शिक्षण संस्था की 10 भावी अध्यापिकाओं द्वारा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की तीसरी कक्षा के बच्चों को सीखाने के लिए अनूठा प्रयोग किया जा रहा है। स्कूल की ऐसी 20 छात्राओं को इस प्रयोग में शामिल किया गया है। जो तीसरी कक्षा में पहुंचने पर भी जमा, घटा को नहीं समझ पा रही हैं। इन छात्राओं को कैलकुलेटर की सहायता से प्रशिक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला शिक्षण संस्था के प्राध्यापक डा. प्रवीण गुप्ता के नेतृत्व में 10 छात्राओं ने यह प्रयोग शुरू किया। जिसमें राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा में इंटर्न नेहा व भावना सहित पिंकी, नेहा, अंजू, मंजु, एकता, नीलम, सुमन व नीतू शामिल हैं। ये भावी अध्यापिकाएं राजकीय कन्या विद्यालय की 20 छात्राओं का हर रोज एक पीरियड लेती हैं। जिसमें वे उन्हें सहायक शैक्षणिक सामग्री सहित कैलकुलेटर की सहायता से प्रशिक्षित करती हैं।
भावी अध्यापिकाओं ने बताया कि इस प्रयोग के अनुसार बच्चों को नए तरीकों से जमा व घटा समझाने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि उन्हें आगे चलकर इन सवालों को समझने एवं इनका हल करने में परेशानी न हो। इसके लिए बाद में एक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बच्चों को दिए गए ज्ञान का परीक्षण होगा।
डाइट में प्राध्यापक प्रवीण गुप्ता ने बताया कि कई बार सुनने में आता है कि सरकारी स्कूल में आठवीं, दसवीं तक के बच्चों को जमा व घटा तक करना नहीं आता। ऐसी परेशानी से बचने के लिए कक्षा तीसरी के 20 बच्चों का चयन करके उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस प्रयोग के परिणाम के बाद इसे ओर अधिक बढ़ाया जा सकता है।