संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। गेहूं के सीजन में अनाज मंडी में बारदाने की मांग को लेकर मंडी एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल प्रधान सलिंद्र शर्मा की अगुवाई में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की निदेशक से मिला। प्रधान ने निदेशक को गेहूं के सीजन में किसानों व आढ़तियों को आने वाली समस्याओं से अवगत करवाया और बारदाने के लिए एक मांग पत्र सौंपा।
इसमें मांग की गई है कि आगामी गेहूं सीजन 2024 में ढांड मंडी में गेहूं की तुलाई के लिए व्यापक स्तर पर बारदाना दिया जाए। उन्होंने कहा कि गत वर्षों से मंडी को सोलूमाजरा स्थित अदानी साइलो से जोड़ा हुआ है। जहां किसानों को गेहूं बेचने के लिए कई-कई दिनों तक लाइनों में लगे रहना पड़ता है।
प्रधान ने कहा कि ढांड मंडी में गेहूं डालने से किसानों को लगभग 1000 रुपये प्रति ट्राली के हिसाब से किराया देना पड़ता है जबकि सोलूमाजरा अदानी साइलो में उन्हें छह से सात हजार रुपये प्रति ट्राली के हिसाब से किराया देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों में ही गेहूं को डालने पर मजबूर होना पड़ता है।
इससे बारिश में गेहूं के खराब होने का अंदेशा बना रहता है। निदेशक ने मंडी एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
गत वर्ष एफसीआई मंडी से आढ़तियों की मार्फत गेहूं खरीद करने के बाद उनकी आढ़त देने से मुकर गई थी। काफी विरोध के बावजूद एफसीआई ने आढ़तियों को केवल आधी आढ़त का ही भुगतान किया। इससे खफा
होकर मंडी आढ़तियों ने एफसीआई व अदानी साइलो का बहिष्कार करके एक प्रस्ताव डीसी, एफसीआई व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को पहले से ही दिया हुआ है।