संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत क्षेत्र के तीर्थ व तालाबोंं के कायाकल्प के लिए सरकार की ओर से जारी करोड़ों रुपये के बजट में धांधली करने वालों के खिलाफ जांच को लेकर ग्रामीण एकजुट हो रहे हैं। इस कड़ी में गांव चौशाला स्थित ढोबी तीर्थ का युवाओं ने अपने स्तर पर संसाधन जुटाकर विकसित करने का बीड़ा उठाया है। इनकी मांग है कि सरकार जलाशयों के लिए जारी ग्रांट की पहले सिरे से जांच करे।
श्री च्यवन ऋषि आश्रम परिसर मेंं सेठ ओमप्रकाश परिवार की तरफ से आयोजित भंडारे के उपरांत आयोजित सम्मान समारोह मेंं यह बड़ा फैसला लिया गया। इसमें समाजसेवी परिवार ने सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों मेंं कुशलता से अपनी भूमिका अदा करने वाले श्री च्यवन ऋषि युवा संगठन चौशाला की टीम को सम्मानित किया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में सरपंच प्रतिनिधि दिलबाग सिंह ने पंचोंं व गांव के अन्य गणमान्य लोगों के साथ शिरकत की।
उन्होंने कहा कि प्राचीन ढोबी तीर्थ के कायाकल्प के लिए सरकार द्वारा एक करोड़ 11 लाख रुपये का बजट जारी किया है। बजट से तीर्थ का समुचित रूप से सौंदर्यीकरण होना था, लेकिन पंचायती राज विभाग ने सरोवरों को संवारने की योजना को अनदेखा कर दिया है। भ्रष्टाचार की वजह से तीर्थ में स्वच्छ जल भराव, गंदे पानी की निकासी, विभिन्न प्रजातियों के पौधोंं-फूलों का रोपण, घाट की
मरम्मत, लाइट, परिक्रमा और संबंधित विभिन्न विकास कार्य कागजों तक सिमटकर रह गए हैं।
सतपाल शर्मा और अनिल शर्मा ने बताया कि श्री च्यवन ऋषि युवा सेवा संगठन को बड़े-बुजुर्गों के मार्ग दर्शन में चौशाला गांव मेंं 17 मार्च और 24 मार्च को लगने वाले वार्षिक मेले की तैयारियां करने की जिम्मेवारी भी सौंपी। मेले मेंं हर वर्ष देश-प्रदेश के साथ-साथ विदेशों से भी पर्यटक आते हैं और च्ययन ऋषि आश्रम और तीर्थ पर पूजा-अर्चना करते हैं। इसलिए तीर्थ की स्थिति को संवारना अति महत्वपूर्ण कार्य है।