संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/राजौंद/सीवन। शारदीय नवरात्र पर शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की। शहर के प्राचीन बड़ी देवी, कोठी देवी स्थित छोटी देवी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में मां के भक्तों की भारी भीड़ जुटी।
नवरात्रे पर श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना कर घर नगर परिवार की सुख शांति की कामना की। शुक्रवार को राजौंद नगर के मंदिरों में श्रद्धालुओं के जयघोषों से नगर के वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सुबह चार बजे से ही दुर्गा मंदिर, भद्रकाली मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, गांव में स्थित बाबा बहादुर बण मंदिर में भक्तों ने पहुंचकर पूजा अर्चना कर मां जगदम्बे भवानी से मंगल कामना की प्रार्थना की।
नवरात्र पर मंदिरों को खूब सजाया गया है। मंदिर में चल रहे भक्ति गीत माहौल को ओर भी भक्तिमय करने में सहायक सिद्ध हो रहे थे। मंदिर के पुजारी रामपाल कौशल ने बताया कि नवरात्रों में माता रानी की पूजा का अपना विशेष महत्व है। माता रानी अपने भक्तों के सभी दुखों को हरती है और उनकी सभी मनोकामना पूर्ण करती है। नवरात्रों में दुर्गा स्तुति का पाठ करने से घर में शांति आती है तथा मानसिक चिंताओं का हनन होता है। सुख समृद्धि आती है और हर प्रकार के कष्टों का निवारण मां दुर्गा की पूजा अर्चना से होता है।
उधर, सीवन में जगह-जगह भजन और कीर्तन गूंजे। स्वर्ग द्वार शिव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। सभी ने मां के चरणों में नारियल, फूल और दीप अर्पित किए। माता के जयकारों से पूरा वातावरण गूंजायमान रहा। कई श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मां स्कंदमाता से सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। स्वर्ग द्वार शिव मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश ने बताया कि मां कूष्मांडा की पूजा की गई।
भक्तों ने मां के समक्ष दीप जलाकर अपनी मनोकामनाएं प्रकट की और मंगलमय जीवन का आशीर्वाद मांगा। पुजारी ओमप्रकाश ने कहा कि साधक को आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। आज का दिन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का प्रतीक बना रहा। इस अवसर पर श्रद्धालु संगीत बंसल, कृष्ण वधवा, रामपाल बंसल, अमर मदान, प्रवेश व ओम प्रकाश रहेजा आदि मौजूद रहे।