संवा न्यूज एजेंसी
कैथल। फाल्गुन एकादशी पर सोमवार को सिसला श्याम धाम में भव्य मेला लगा। सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने सोमवार को बाबा खाटूश्याम जी का निशान उठाया और पूरे जोश व श्रद्धा के साथ यात्रा शुरू की। दिनभर में हजारों श्रद्धालुओं ने सिसला धाम में बाबा श्याम को गुलाब और मोर पंख अर्पित कर उनके दर्शन प्राप्त किए।
सुबह पांच बजे से ही बाबा के धाम श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो गए थे। सुबह से देर रात तक हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के दर्शन किए। साथ ही श्रद्धालुओं ने भव्य निशान यात्रा निकाली और मंदिर मंदिर में बाबा श्याम के भजनों पर जमकर झूमे।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन गाते हुए आगे बढ़े, जिससे पूरा मार्ग भक्तिमय हो गया। भक्तों ने बाबा के जयकारे लगाते हुए पैदल यात्रा की और अपनी श्रद्धा प्रकट की। विभिन्न जगहों पर स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और उनके लिए जलपान की व्यवस्था की। इस धार्मिक यात्रा में पुरुषों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने बढ़-चढकऱ हिस्सा लिया।
बाबा के प्रति आस्था से भरे श्रद्धालुओं ने ध्वज और निशान लेकर यात्रा को और भी दिव्य बना दिया। सिसला धाम पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने लंबी लाइनों में खड़े होकर बाबा के दर्शन किए व उनकी चौखट पर अपने निशान चढ़ाए और मत्था टेका।
मंदिर परिसर में भव्य भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर शामिल हुए। बाबा खाटूश्याम जी की महिमा का गुणगान किया गया और भक्तों ने अपने मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं ने सेवा भाव से भाग लिया और प्रसाद वितरण किया गया। बाबा के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बने, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिकता का संचार हुआ।
मान्यता है कि भीम के पौत्र वीर बर्बरीक ने महाभारत के युद्ध के दौरान भगवान कृष्ण को अपना शीश दान किया था और भगवान कृष्ण ने उन्हें कलयुग में पूजे जाने का वरदान दिया था। उन्हीं को बाबा श्याम कहा जाता है। सिसला धाम के इस मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी आस्था है।