कैथल। चैत्र नवरात्र पर्व की रविवार से शुरूआत हो गई। इस पर्व के पहले दिन जिलेभर के दुर्गा मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने शहर के बड़ी देवी मंदिर, कोठी देवी मंदिर ढांड रोड स्थित बालाजी शक्ति धाम मंदिर, माता गेट स्थित मंदिर में माता रानी के समक्ष ज्योत जलाई व नारियल चुनरी चढ़ाकर मन्नतें मांगी।
बड़ी देवी मंदिर में महंत हीरा पुरी ने अलसुबह श्रद्धालुओं पवित्र ज्योत घर में प्रज्ज्वलित करने के लिए दी। वहीं, मंदिर के सेवादार रमेश, सोनू व राहुल ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। महंत हीरा पुरी के मुताबिक नवदुर्गा की उपासना का छह अप्रैल को महानवमी के साथ समापन होगा। इन नौ दिन में हर दिन हर दिन मां अपने अलग-अलग स्वरूपों में आकर आपको वरदान देती है । चैत्र नवरात्र में पूरे नौ दिन तक श्रद्धालु उपवास रखते हैं। इसके बाद कन्या पूजन से अपना व्रत खोलते हैं।
चैत्र नवरात्र देवी उपासना कुछ खास चीजों के बगैर अधूरी मानी जाती है। इसमें मां दुर्गा की प्रतिमा, चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपड़ा, बंदनवार, शक्कर, सिंदूर, पान, सुपारी, लौंगए बताशा, हल्दी की गांठ, नैवेध जावित्री, सोलह शृंगार बिंदी, चूड़ी, तेल, कंघी, शीशा आदि। पीसी हुई हल्दी,आसन, कमलगट्टा, शहद, नारियल जटा वाला, सूखा नारियल, दीपक, घी, अगरबत्ती, वस्त्र, दही, पंचमेवा, गंगाजल, नवग्रह पूजन के लिए अक्षत, चौकी, मौली, रोली और पूजा की थाली आदि कई सामग्री शामिल हैं।