संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। खंड संसाधन संयोजक कार्यालय गुहला में सोमवार को पांच दिवसीय आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान पर आधारित प्रशिक्षण शिविर संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दूसरे चरण में 90 प्राथमिक शिक्षकों ने भाग लिया।
खंड शिक्षा अधिकारी बलबीर कश्यप ने कहा कि प्रारंभिक साक्षरता और संख्यात्मकता किसी बच्चे की शैक्षिक यात्रा की सबसे मजबूत नींव होती है। प्रारंभिक साक्षरता का अर्थ केवल अक्षर और शब्द पहचानना ही नहीं, बल्कि समझ के साथ पढ़ने की क्षमता विकसित करना भी है, जिससे विद्यार्थी पाठ का अर्थ निकाल सकें और प्रभावी संवाद कर सकें।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक संख्यात्मकता का मतलब संख्याओं की समझ विकसित करना, जोड़, घटाव, गुणा, भाग जैसी मूलभूत गणितीय क्रियाओं में दक्षता प्राप्त करना और उन्हें रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान में लागू करना है। कश्यप ने सभी शिक्षकों से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण में सीखी गई विधियों को अपनी कक्षाओं में अवश्य लागू करें। खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रशिक्षण के प्रति शिक्षकों की प्रतिक्रिया जानी और उनसे सुझाव भी मांगे कि कार्यक्रम में और क्या सुधार किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर जिला कैथल से संपर्क फाउंडेशन के जिला कॉर्डिनेटर सतीश कौशिक भी उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण, संपर्क स्मार्ट शाला ऐप, संपर्क टीवी के संचालन, टीजी वर्क बुक्स के अलाइनमेंट, सही क्रम और स्किल पासबुक भरने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मास्टर ट्रेनर कर्मचंद, मंदीप रानी, हंस कौर और रेखा रानी ने शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के नवीन गुर सिखाए।
अंत में बलबीर कश्यप ने सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित कर सम्मानित किया। इस अवसर पर ब्लॉक कोऑर्डिनेटर उपेंद्र शुक्ला, एमआईएस कोऑर्डिनेटर अश्विनी धीमान, निधि जैन, राजीव कुमार, मुख्य शिक्षक कुलदीप नैन, सतीश कुमार, संदीप सीड़ा, अशोक जांगड़ा उपस्थित रहे।