कैथल। नई अनाज मंडी में करोड़ों रुपये की देनदारी छोड़कर भागने के आरोपों का सामना कर रहे केपी राइस मिल के मालिक संजय गर्ग ने फरार होने की बात को सिरे से खारिज किया है। अमर उजाला कार्यालय में पहुंचकर संजय गर्ग ने कहा कि व्यापार में मुनाफा या घाटा किसी के साथ भी हो सकता है। हमारे साथ व्यापार में घाटा हो गया। जिस कारण हमें आज ये दिन देखने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद भी हम कहीं फरार नहीं हुए। मंडी में तीन-चार लोगों द्वारा मारपीट तक की नौबत आने, ट्रैक्टर-ट्रॉली छीनने का प्रयास करने जैसी घटनाओं से हमारा परिवार घबरा गया था। जिस कारण हम कई दिनों तक मंडी में नहीं गए। जिसका फायदा उठाकर नई अनाज मंडी में प्रधानी पर कब्जा करने की चाहत रखने वाले कुछ लोग उनके फरार होने की अफवाहें फैला रहे हैं। पुलिस आदि में शिकायत देकर हमारी फरार होने की जानकारी देकर झूठे आरोप लगाए। घाटा होने के बाद हमने अपने परिवार की सारी संपत्तियों के कागजात मंडी की देनदारी चुकाने के लिए नई अनाज मंडी के प्रधान कृष्ण मित्तल की अगुवाई में मंडी एसोसिएशन को सौंप दिए और इन संपत्तियों को बेचकर मंडी की देनदारी उतारने का अधिकार भी दे दिया। इसके बावजूद नए गुट के लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
संजय गर्ग ने कहा कि जब हम फरार ही नहीं हुए, अपने घर पर हैं तो हमें फरार क्यों कहा जा रहा है। प्रधानी पर कब्जा करने की चाहत रखने वाले उक्त गुट के लोगों ने हमारी दोनों दुकानों पर ताले लगा कर कब्जा कर लिया और राइस मिल से सामान उठाकर ले गए। जबकि इसके कागजात हमने प्रधान कृष्ण मित्तल को सौंपे हुए हैं। संजय गर्ग ने कहा कि हमने मंडी में देनदारी की जिम्मेवारी प्रधान कृष्ण मित्तल को सौंप दी है कि वे हमारी संपत्तियों को बेचकर मंडी के आढ़तियों की देनदारी में से जितना हो सके, कर्ज उतार लें। इससे ज्यादा हमारे पास कुछ नहीं हैं। इतना ही नहीं, हम अगले 5 साल तक इस बात की तसल्ली दे रहे हैं कि हमारे पास कोई रुपया मिला तो वह मंडी का होगा।
संजय गर्ग ने कहा कि वे पुलिस चौकी प्रभारी, डीएसपी कुलभूषण से भी मिले। मंडी एसोसिएशन के साथ भी मुलाकातें की। अपने करीब 10 करोड़ से अधिक की देनदारी का पूरा ब्योरा दे दिया है। इसके बावजूद भी यदि किसी को शक है तो हम उनकी आशंका दूर करने को तैयार हैं। हमें व्यापार में घाटा जरूर हुआ है, लेकिन हमारी नीयत में कोई खोट नहीं हैं।
मेरे परिवार को परेशान कर रहे हैं कुछ लोग
मिल मालिक संजय गर्ग ने कहा कि मेरे परिवार को कुछ लोग परेशान कर रहे हैं। महिलाओं के नंबर पर संदेश भेजे जा रहे हैं। यदि ये लोग बाज नहीं आए तो ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दूंगा।
उधर, संजय गर्ग के आरोपों पर नई अनाज मंडी में नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन रामनिवास मित्तल ने कहा कि संजय गर्ग को ये सारी बातें अनाज मंडी में आकर आढ़ती एसोसिएशन के सामने रखे। मंडी उनकी पूरी बात सुनेंगी और जितना संभव होगा, पूरा सहयोग किया जाएगा। आढ़ती बेवजह किसी को परेशान क्यों करेंगे। आढ़ती केवल अपनी लेनदारी को लेकर चिंतित हैं।
दूसरी ओर नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मित्तल का कहना है कि राइस मिल मालिक संजय गर्ग ने उन्हें जिन संपत्तियों के कागजात सौंपे हैं, उसकी जानकारी मंडी के सामने रख दी है। अब मंडी के आढ़ती फैसला करेंगे कि इन संपत्तियों का क्या करना है। संजय गर्ग ने यह भी कहा है कि उनके पास जो कुछ है, वह सभी के सामने रख दिया गया है। अब आढ़तियों की मर्जी है कि वे चाहें कोर्ट में जाएं, कोई मारपीट करना चाहे, मारपीट कर ले। इन संपत्तियों में नेशनल हाईवे के ऊपर पौने दो एकड़ जमीन, दो दुकानें नई व पुरानी अनाज मंडी में है। पुरानी मंडी की दुकान में 55 प्रतिशत हिस्सा है। एक राइस मिल में ब्वॉलयर व ड्रॉयर है। राइस मिल के शैड, फर्नीचर और कांटा, दो ट्रेक्टर, तीन ट्राली, तीन गाडिय़ां, तीन मोटरसाइकिल, दो स्कूटी के कागजात सौंपे हैं।