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Kaithal: अनुसूचित जातियों में वर्गीकरण की उठी मांग, वंचित अनुसूचित जनजाति अधिकार सम्मेलन का हुआ आयोजन

Sun, 27 Aug 2023 09:37 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल (हरियाणा)

सार

कैथल की नई अनाज मंडी में वंचित अनुसूचित जनजाति अधिकार सम्मेलन का आयोजन हुआ। आरक्षण के मुद्दे पर विचार किया गया। एसडीएम कपिल कुमार को ज्ञापन सौंपा गया।
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सम्मेलन के दौरान मंच से एकजुटता दिखाते समाज के गणमान्य लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के कैथल शहर की नई अनाज मंडी में रविवार को वंचित अनुसूचित जाति समुदाय संघ की तरफ से वंचित अनुसूचित जनजाति अधिकार सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में आरक्षण के मुद्दे को लेकर विचार किया गया। साथ ही अनुसूचित जातियों में भी वर्गीकरण किए जाने की मांग उठाई गई।

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सम्मेलन में कैथल सहित आस-पास के जिलों से भी अनुसूचित वर्ग के लोग पहुंचे। सम्मेलन में विभिन्न स्थानों से पहुंचे वक्ताओं ने अनुसूचित जातियों में भी वर्गीकरण करने की मांग की। कुलदीप बागड़ी, प्रवीन अठवाल, सोनू मचल व पूर्व प्राचार्य डॉ. ऋषिपाल बेदी ने कहा कि जिस प्रकार बीसी ए व बीसी बी वर्ग बनाया गया है। उसी प्रकार से एससी ए व एसी बी वर्ग बनाया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार सबका साथ सबका विकास के कार्य करने में विश्वास रखती है।

हरियाणा सरकार ने शिक्षा में आरक्षण का प्रावधान विधिवत आंकड़ों एवं संवैधानिक आधार पर किया है। इसे आधार मानते हुए नौकरियों में आरक्षण लागू हो। वक्ताओं का कहना था कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले अपने चुनावी घोषणा पत्र में अनुसूचित जनजाति का वर्गीकरण करने का वादा किया था।
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उसे अब चुनाव से पहले पूरा किया जाना चाहिए। सम्मेलन में नगर परिषद कैथल की उपाध्यक्ष सीमा देवी, बाबा संगम नाथ, वेदपाल, अमरनाथ किठानियां, दीपक, विक्की बालू, धमेंद्र, कृष्ण कुमार, रेखा रानी, पूनम सहोता, नफे सिंह, रामकर्ण, सतपाल, वेदपाल आदि मौजूद रहे।

वंचित अनुसूचित जाति समुदाय संघ की मांगे
ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में ठेका प्रथा के तहत कार्यरत सफाई कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोज़गार निगम में शामिल किया जाए। वंचित जाति के जिन छात्र एवं छात्राओं ने शैक्षणिक आरक्षण का लाभ उठाया है उनका सांख्यिकी तथ्य एकत्रित किए जाएं। प्रदेश में जनसंख्या के आधार पर वंचित समाज की लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा, बोर्डों व निगमों में जनसंख्या के आधार पर भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा 2021 कि अधिसूचना के आधार पर विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण पदों पर आरक्षण दिया जाए। हरियाणा सरकार एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा सहायतार्थ एवं निजी महाविद्यालयों में भी आरक्षण दिया जाए।

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