कैथल। लगातार भटक रहे अभिभावकों का 134ए के तहत दाखिले न होने पर वीरवार को गुस्सा भड़क उठा। बीइओ कार्यालय में एकत्रित हुए अभिभावकों ने कार्यालय का घेराव कर जमकर हंगामा किया। महिलाओं ने डीइओ कार्यालय में डेरा जमा लिया। जिस कारण डीइओ सहित अन्य अधिकारी पिछले दरवाजे से भाग खड़े हुए। करीब तीन घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन के बाद अभिभावक शांत हुए।
134ए का मुद्दा न केवल अभिभावकों बल्कि जिला प्रशासन के लिए सिर दर्द बन गया है। 134ए के तहत विद्यार्थियों की ली गई परीक्षा में जिन विद्यार्थियों के 55 प्रतिशत अंक हासिल नहीं कर पाए, उनके अभिभावकों ने खंड शिक्षा अधिकारी में जमकर रोष प्रकट किया। गुस्साई महिलाएं खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में घुस गई।
कार्यालय के अंदर पहुंचकर महिलाओं ने डीइओ, डिप्टी डीइओ, खंड शिक्षा अधिकारी का घेराव कर लिया। तीनों अधिकारियों ने करीब एक घंटे तक अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन महिलाएं कार्यालय से बाहर आने को तैयार नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि वे कार्यालय से बाहर तभी निकलेंगी जब उनके बच्चों के दाखिले का आश्वासन मिलेगा।
अभिभावकों को रोष देखकर जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा, उप जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही, खंड शिक्षा अधिकारी साहब सिंह कार्यालय के पिछले दरवाजे से बाहर निकल आए और मामले की सूचना एडीसी को दी। लेकिन करीब दो घंटे तक यहां कोई आला अधिकारी नहीं पहुंचा। इसके बाद अधिकारियों ने एडीसी से बात कर अभिभावकों को आश्वासन दिया कि वे उनकी समस्या को आला अधिकारियों के समक्ष रखकर उसका समाधान करवाएंगे। इसके बाद कहीं जाकर अभिभावक शांत हुए।
भाड़ में जाए सरकार की पॉलिसी, दाखिला दो, नहीं तो ड्रा नहीं होने देंगे-
विरोध कर रहे लोगों को जब अधिकारियों ने कहा कि विभाग की पॉलिसी के अनुसार दाखिले के लिए ड्रा की सूचि तैयार की गई है। जिस पर गुस्साई महिलाओं ने कहा कि भाड़ में जाए विभाग की पॉलिसी, दाखिला दो, नहीं हो ड्रा नहीं निकलने देंगे।
1603 विद्यार्थियों में से 531 विद्यार्थी हुए पास- 134 ए के तहत शहर के कुल 1776 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। जिसमें से 1603 विद्यार्थियों ने एक मई को परीक्षा दी थी। जिसमें 531 विद्यार्थी ने 55 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए है। शेष विद्यार्थी 55 प्रतिशत अंक हासिल करने में नाकाम रहे है।
इन कक्षाओं में 55 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले है विद्यार्थी- कक्षा दूसरी में 128, कक्षा तीसरीे में 132, कक्षा चौथी में 42, पांचवी में 58, छठी में 58, सातवीं में 15, आठवीं में 21, नौवी में 24, दसवीं में 37, बाहरवीं में 16 विद्यार्थियों ने 55 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए है।
फिर से लिया ली जाए परीक्षा-अभिभावक नरेश कुमार, पूजा, सुमन, धर्मो, बाला, सिमरजीम, बतेरी, ममता, आरती, मीना, सीमा, रेणुबाला, प्रवीन कुुमार, गीता, संजीव कुमार ने बताया कि उनके बच्चे अंग्रेजी माध्यम में पढ़ते है। परीक्षा हिन्दी में हुई है। जिसके कारण उनको काफी परेशानी झेलनी पड़ी है। इसके अलावा विभाग ने सिलेबस की जानकारी नहीं दी। अभिभावकों की मांग है कि फिर से परीक्षा ली जाए।
दूसरी व तीसरी कक्षा का निकाला ड्रा- अभिभावकों के रोष के कारण हुई देरी के कारण शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने देर शाम तक कक्षा दूसरी व तीसरी कक्षा का ड्रा निकाल दिया। खंड शिक्षा अधिकारी साहब सिंह ने बताया कि जिन विद्यार्थी परीक्षा में 55 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं, उनमें से कक्षा दूसरी व तीसरी का ड्रा निकाल दिया गया है। चौथी से बाहरवीं कक्षा का शुक्रवार को ड्रा निकाल दिया जाएगा और ड्रा की लिस्ट भी लगा दी जाएगी।
सरकार की आदेशों पर शिक्षा विभाग ने परीक्षा ली। जिन विद्यार्थियों ने 55 प्रतिशत अंक हासिल किए है उनको ड्रा निकाला जाएगा। अभिभावकों ने परीक्षा हिन्दी माध्यम में होने पर ऑब्जेक्शन किया है। इसके अलावा उन्होंने सिलेबस संबधी समस्या लिखकर दी है। जिस बारे में विभाग को अवगत करवा दिया जाएगा।
निर्मल तनेजा, जिला शिक्षा अधिकारी, कैथल।