संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद/कैथल। मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। कई दिनों के अंतराल के बाद सोमवार सुबह पूरा इलाका घने कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। प्रमुख मार्गों और संपर्क सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। स्कूल बसें भी रेंगती नजर आईं, जिससे विद्यार्थियों को विद्यालय पहुंचने में देरी हुई।
हालात यह रहे कि सुबह के समय दृश्यता घटकर महज 10 से 20 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई। वहीं सुबह और शाम के समय बढ़ती ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सोमवार तड़के से ही जिला मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरे का व्यापक असर देखने को मिला। कोहरा इतना घना था कि 20 मीटर की दूरी पर खड़ा व्यक्ति या वाहन भी दिखाई नहीं दे रहा था।
इसके चलते जींद-कैथल रोड, अंबाला रोड और कुरुक्षेत्र मार्ग पर आवागमन करने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर चालकों को दिन में हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर बेहद धीमी गति से वाहन चलाने पड़े।
गनीमत यह रही कि सुबह के समय यातायात का दबाव अपेक्षाकृत कम रहा, अन्यथा दृश्यता अत्यंत कम होने के कारण बड़े हादसों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
तापमान में गिरावट ः सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत अवश्य मिली, लेकिन सुबह और शाम को चलने वाली सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी।
फिलहाल जिले में हवाओं की रफ्तार लगभग 4 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है। मंद गति से चल रही इन हवाओं और वातावरण में मौजूद नमी के कारण ठंड का असर अब अधिक महसूस होने लगा है। कई दिनों के बाद दिन में छाई धुंध से लोगों को काफी परेशानी हुई।
कोहरा और गिरता तापमान रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। यदि आगामी दिनों में ठंड का प्रभाव
इसी प्रकार बना रहता है, तो गेहूं की फसल की बढ़वार और पैदावार
में सुधार की संभावना है। -डॉ. रमेश चंद्र, कृषि विशेषज्ञ