घरों में पानी स्टोरेज टैंक में डेंगू के लारवा की जांच करता कर्मचारी।
कैथल। मानसून के दौरान डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में एंटी-डेंगू अभियान तेज कर दिया है। राहत की बात यह है कि जिले में अब तक डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का कोई भी पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है। विभाग लगातार घर-घर सर्वे कर लारवा की तलाश और लोगों को जागरूक करने में जुटा हुआ है।
जिले में अब तक 526 संदिग्ध सैंपलों की जांच की जा चुकी है। सभी रिपोर्ट में अब तक डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 9987 घरों और 19 हजार 875 पानी के कंटेनरों की जांच की। इस दौरान 26 स्थानों पर डेंगू के मच्छर का लारवा मिला जिसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। लारवा मिलने वाले स्थानों पर लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने और पानी जमा नहीं होने देने के निर्देश भी दिए गए। लारवा मिलने के मामलों में स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती भी बरती है। विभाग ने 26 नोटिस जारी किए। जिले में अब तक 1123 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। विभाग का कहना है कि यदि लोग बार-बार चेतावनी के बावजूद लापरवाही बरतते हैं तो नियमानुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगा। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. नीरज मंगला ने लोगों से सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने, कूलर, गमले, टंकियों व अन्य पात्रों का पानी नियमित रूप से बदलने और घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। विभाग का कहना है कि जनसहयोग से ही डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
ये टीमें जुटी अभियान में
जिले में डेंगू नियंत्रण अभियान के तहत शहरी क्षेत्र में 6 एमपीएचडब्ल्यू और 30 आशा कार्यकर्ता, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 100 पुरुष एमपीएचडब्ल्यू, 144 महिला एमपीएचडब्ल्यू और 19 स्वास्थ्य पर्यवेक्षक नियमित रूप से सर्वे और जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इसके अलावा जिले के सभी 602 तालाबों में गंबूसिया मछली छोड़ी जा चुकी है, जो मच्छरों के लारवा को नष्ट करने में सहायक होती है।
घरों में पानी स्टोरेज टैंक में डेंगू के लारवा की जांच करता कर्मचारी।