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कैथल: कर्मचारियों की तय होगी जवाबदेही

Tue, 21 Feb 2023 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कैथल। शहरों में प्रॉपर्टी को लेकर एनओसी जारी करने वाला पोर्टल सोमवार को पांचवें दिन भी नहीं चल सका। पोर्टल में कई तरह के अपडेट किए गए हैं। सोमवार को केवल प्रॉपर्टी आईडी देखी जा सकी। इसमें किसी तरह की अपडेट करके एनओसी अभी जारी नहीं हो पा रही हैं। अभी इसमें कुछ दिन ओर लग सकते हैं।
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गौरतलब है कि एनडीसी पोर्टल से एनओसी के बिना रजिस्टरी नहीं हो पा रही है। साथ ही प्रॉपर्टी आईडी का मिलान हो या अन्य कार्य, नगर परिषद में काम करने वाले कर्मचारियों के माध्यम से यह तय नहीं हो पा रहा था कि किस कर्मचारी ने कितना काम किया है। किस कर्मचारी के स्तर पर लोगों का आवेदन लंबित है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए 17 से 20 फरवरी तक एनडीसी पोर्टल को बंद किया था। लोगों को उम्मीद थी कि यह सोमवार को चल जाएगा, लेकिन यह नहीं चल पाया।
अब हर कर्मचारी को अलॉट होंगी कॉलोनियां, अलग से आईडी बनेगी
नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार अपडेट प्रक्रिया में एनडीसी पोर्टल में अब हर उस कर्मचारी की अलग से आईडी बनेगी, जो प्रॉपर्टी संबंधी शाखा में काम करेगा। जिस तरह का आवेदन लोगों का आएगा, उसी तरह का काम देखने वाले कर्मचारी के पास उसका आवेदन पहुंचेगा। उसे ही इसका जवाब देना होगा कि यह क्यों नहीं हो पा रहा?
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सात तरह के आवेदन किए जाते हैं प्रॉपर्टी-प्रॉपर्टी संबंधी सात तरह के आवेदन इस समय किए जाते हैं। जिसमें प्रॉपर्टी में मालिक का नाम ठीक करने, मोबाइल नंबर ठीक करने, एरिया ठीक करने, प्रॉपर्टी टैक्स की जानकारी देने, विकास शुल्क की जानकारी देने, कचरे का प्रबंधन जैसे आवेदन किए जाते हैं। इनमें से जो कर्मचारी जिस तरह का काम देखता है, उसके पास सीधा आवेदन जाएगा।
टैक्स के बारे में जानकारी लेने आए शहरवासी राजेश कुमार ने कहा कि वे यहां टैक्स को लेकर जानकारी के लिए आए थे। बताया जा रहा है कि पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है।
ईओ कुलदीप मलिक ने बताया कि सोमवार को एनडीसी पोर्टल पर केवल प्रॉपर्टी आईडी देखी जा सकी। इसमें किसी तरह के ऑब्जेशन का काम नहीं हो पाया। अब नई व्यवस्था में हर कर्मचारी को कॉलोनियां अलॉट कर दी जाएंगी, जिस कॉलोनी से जो आवेदन आएगा, वह उसके लिए नियुक्त कर्मचारी को सीधा जाएगा। जहां से जिस भी अधिकारी की आवश्यकता होगी, उसी के पास यह कर्मचारी आवेदन को भेजेगा। इससे जवाबदेही तय होगी। साथ ही यह पता चल पाएगा कि किस कर्मचारी ने कितने आवेदन निपटाए। अभी तक यह पता नहीं चल पा रहा था कि कौन सा कर्मचारी दिन में कितने आवेदन निपटाता है। नई व्यवस्था से काम में तेजी आएगी। लोगों के काम जल्दी होंगे। उम्मीद है मंगलवार तक यह पोर्टल चल जाएगा।
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