कलायत। शिमला गांव में बुधवार को हुई एलएलबी छात्र संजय की हत्या के मामले में नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग हिसार-चंडीगढ़ पर धरना शुरू कर दिया। दोपहर दो बजे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने की बात भी ग्रामीणों ने कही थी लेकिन आश्वासन मिलने पर फिलहाल यह निर्णय वापस ले लिया गया। साथ की चेतावनी दी गई कि सोमवार तक पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी न की तो राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया जाएगा।
ग्रामीणों ने सभी आरोपियों के खिलाफ ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग के लिए ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। धरने में गांव के लोगों के साथ भाकियू के पदाधिकारी भी शामिल हो गए। शुक्रवार देर सायं गांव में हुई महापंचायत में पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों ने धरना व दो बजे राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने का निर्णय लिया था।
शनिवार सुबह निर्धारित समय पर एक तरह से गांव के लोग धरना स्थल पर पहुंच गए। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे भाकियू अध्यक्ष जिले सिंह ने कहा कि संजय हत्याकांड मामले में पुलिस का रवैया परिजनों व ग्रामीणों के साथ ठीक नहीं था। पुलिस धारा 306 के तहत मामला दर्ज करना चाहती थी जिस पर गांव के लोगों की असहमति थी। मामले में वांछित दो अन्य लोगों की भी पुलिस ने अभी तक गिरफ्तारी नहीं की है।
किसान नेता सतपाल दिल्लोंवाली ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ठप हो गई है। बाहर के लोग गांव में आकर युवक को मारकर चले जाते हैं और पुलिस कुछ नहीं कर पा रही। धरने की सूचना मिलते ही डीएसपी सज्जन कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और प्रदर्शन कर रहे गांव शिमला के लोगों से संवाद किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस की संदिग्ध भूमिका पर सवाल किए।
बाद में डीएसपी के दिए गए आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने निर्णय लेने के लिए एक कमेटी का गठन किया। कमेटी में शामिल जिले सिंह, राजेश बूरा, सुमित बूरा, गुरुनाम सिंह खरक, साधू राम, सतपाल दिल्लोंवाली, महावीर नरड, कृष्ण मोर, आशीष मोर, छोटा मोर, राजकपूर व सुरेंद्र चौशाला ने डीएसपी के आश्वासन को तवज्जो देते हुए निर्णय लिया कि कोई भी आक्रामक कदम सोमवार से पहले न उठाया जाए। कमेटी के सदस्यों ने पुलिस से संवाद के लिए मृतक के परिवार के सदस्यों की एक छोटी कमेटी भी बनाई।
जिले सिंह प्रधान ने कहा कि जो दोपहर दो बजे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने की बात कही गई थी, वह निर्णय फिलहाल वापस लिया गया है। धरना लगातार जारी रहेगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तो ग्रामीण प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करेंगे।
. डीएसपी सज्जन कुमार ने कहा कि गांव शिमला के लोगों को इस मामले में कुछ गलत फहमी हुई थी। हत्या का मामला धारा 302 के तहत ही दर्ज हुआ और इसी धारा के तहत दो लोगों की गिरफ्तारी हुई और न्यायालय से पुलिस रिमांड लिया गया है। उन्होंने कहा कि हत्याकांड में शामिल तीन अन्य आरोपियों को भी आने वाले 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दो हत्या आरोपी पांच दिन के रिमांड पर
कैथल। शिमला गांव में युवक की हत्या करके शव को पंखे पर लटकाने के मामले में पुलिस ने आरोपी कीर्ती नगर भिवानी निवासी सुजल राठौड़ व निमर बढेसरा जिला चरखी दादरी निवासी दिवेश कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेशकर पांच दिन का रिमांड हासिल किया है।
डीएसपी कलायत सज्जन कुमार ने बताया कि शिमला गांव निवासी सुमित की शिकायत अनुसार 22 अगस्त की रात करीब 11.30 बजे एक सफेद गाड़ी में तीन व्यक्ति उनके बाडे में आए व करीब दो घंटे बाद वापस चले गए। सुबह संजय का शव फंदे पर लटकता मिला। संवाद