संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 नवंबर को किसान आंदोलन की चौथी वर्षगांठ पर जिला मुख्यालय पर महा प्रदर्शन किया जाएगा। इसके सिलसिले में भाकियू प्रत्येक गांव में जाकर किसानों को निमंत्रण दिया जा रहा है।
युवा भाकियू प्रदेश महासचिव भूराराम पबनावा के निवास पर रविवार को भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष जोगिंद्र सिंह नैन अपनी टीम के साथ पहुंचे। जहां उन्होंने किसानों को 26 नवंबर कैथल में महा प्रदर्शन में शामिल होने का न्योता दिया। इस अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए नैन ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की सरकार किसानों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। इससे किसानों में रोष है।
उन्होंने कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग करना किसानों का संविधानिक अधिकार है, जिसकी किसानों मांग करते आ रहे है। लेकिन भाजपा की सरकार किसानों की इस मांग को लगातार नजर अंदाज कर रही है।
उन्होंने कहा कि बड़े हैरानी की बात है कि धरती का सीना फाड़कर कठिन परिश्रम करके देश का पेट पालने वाला किसान अपने संविधानिक अधिकारों के लिए सरकार के इशारे पर पुलिस की लाठी गोली का शिकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगें किसानों तथा मजदूरों का पूर्ण कर्जमाफी, बिजली बिल 2022 वापिस लेना,लखीमपुर खीरी कांड के आरोपियों पर कार्रवाई, किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस करना, खराब फसलों के लंबित मुआवजे को किसानों के खाते में तुरंत डालना, किसानों पर पराली जलाने के दर्ज केस रद्द करना तथा 2024 धान घोटाले की न्यायिक जांच करना मुख्य रूप से शामिल है। भूरा राम पबनावा ने नैन को आश्वासन दिया है कि 26 नवंबर को पबनावा सहित जिला कैथल से हजारों की संख्या में किसान भाग लेंगे।
बनाई रूपरेखा
कैथल। हनुमान वाटिका में रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा बैठक हुई। इसमें 26 नवंबर को किसानों की ओर से किए जाने वाले प्रदर्शन की रुपरेखा बनाई गई। बैठक में न्यूनतम समर्थन मूल्य, रोजगार, कर्ज मुक्ति, महंगाई पर रोक, सांप्रदायिक विभाजन के खिलाफ कानून का प्रभावी क्रियान्वयन आदि मांगों को पूरा करवाने पर विचार किया। इस मौके पर राज्य प्रधान जसबीर सिंह ने कहा कि समाज में सांप्रदायिक विभाजन को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए और उनका प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। इस बैठक की अध्यक्षता जिला संयोजक महेंद्र सिंह रामगढ़ ने की। संवाद