संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा ने मंगलवार को लघु सचिवालय परिसर में जिला स्तरीय प्रदर्शन किया। इस दौरान कैथल, गुहला, पूंडरी, कलायत, सीवन और राजौंद ब्लॉक से सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन की अध्यक्षता राज्य उपप्रधान छज्जू राम नैन ने की।
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि 25 मार्च को संसद में पारित किया गया वित्त विधेयक पेंशनरों के हितों पर कुठाराघात है। यह विधेयक आठवें वेतन आयोग से पेंशनरों को वंचित करने और उन्हें मिलने वाली कई अन्य सुविधाओं को समाप्त करने वाला है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इसे तुरंत वापस लिया जाए, अन्यथा 17 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा।
11 वर्षों में एक भी मांग पूरी नहीं हुई ः सभा को संबोधित करते हुए राज्य कमेटी के उपप्रधान मास्टर गुलाब सिंह (चीका), वरिष्ठ उपप्रधान जसबीर सिंह, उपप्रधान जगरूप सहारण, ईश्वर सिरोही और दिलबाग पोलड़ ने कहा कि बीते करीब 11 वर्षों में भाजपा सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों की एक भी मांग पूरी नहीं की है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में रोका गया महंगाई भत्ता अब तक जारी नहीं किया गया। साथ ही रेल और हवाई यात्रा में मिलने वाली रियायतों में भी कटौती कर दी गई है। अब आठवें वेतन आयोग से वंचित करने वाला निर्णय नमक पर चोट जैसा है। सभा के बाद रिटायर्ड कर्मचारी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगें लागू नहीं की जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि इन सभी मांगों की अनदेखी कर सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है।
इस मौके पर संगठन के जिला प्रेस प्रवक्ता सुरेश पाल शर्मा, ऑडिटर मदन तंवर, जिला कमेटी सदस्य मास्टर रिसाल सिंह धनौरी, बलवंत जाटान सहित अनेक पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित किया।
धरने में मास्टर रामफल गुहना, धनपत कौशिक, सिंगारा सिंह, पूर्ण चंद सैनी, सज्जन सिंह, गुरविंदर सिंह, डॉ. विकास आनंद, ईश्वर चंदाना आदि मौजूद रहे।