मार्केटिंग बोर्ड ने हाईकोर्ट के आदेशों पर शुक्रवार को रामनगर में फिर से पीला पंजा चलाया और बोर्ड की जमीन पर बनाई गई पांच दुकानों को जमींदोज कर दिया। हालांकि इन दुकानों से सामान निकालने का समय दिया गया, लेकिन कार्रवाई के दौरान काफी सामान मलबे में दब गए। वहीं महिलाओं ने कार्रवाई का विरोध करते हुए जेसीबी के आगे खड़ी हो गईं। लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे उनकी एक न चली। पिछले सप्ताह भी यहां पीला पंजा चलाकर अवैध दुकानों को गिरवाया गया था। जो दुकानें बच गई थी, उन्हें शुक्रवार को गिरवाया गया। कार्रवाई से आक्रोशित और आहत दुकानदारों ने कहा कि रोजी-रोटी छीन ली सरकार ने।
बता दें कि मार्केटिंग बोर्ड ने 22 जुलाई को बोर्ड की जमीन में बनीं अवैध दुकानों को गिराने के आदेश दिए थे। उस दिन तीन दुकानें गिरा दी गई थीं। लोगों का कहना था कि कई और दुकानें हैं, उन्हें क्यों नहीं गिरवाया जा रहा। लोगों की शिकायत पर शुक्रवार सुबह लगभग 8 बजे ही मार्केट कमेटी के अधिकारी व कर्मचारी, तहसीलदार चांदी राम, कानूनगो जेसीबी को लेकर अवैध कब्जा हटवाने के लिये आ गये। लेकिन पुलिस सहायता न मिलने के कारण करीब दो घंटे तक अधिकारी व कर्मचारी इंतजार करते रहे। एसएचओ सिटी अशोक कुमार के पहुंचने पर कार्रवाई शुरू की गई। दुकानदारों को अपना सामान निकालने का समय दिया गया। इसी बीच कार्रवाई शुरू कर दी गई।
कुछेक सामान कार्रवाई के चलते मलबे में दब गया। इसी बीच महिलाओं व दुकानदार बल्लु, पंजाबों, संतोष, राजेश, मोनिका जेसीबी के आगे आकर खड़े हो गए और कार्रवाई रुकवाने का प्रयास किया। बाद में महिला पुलिस की सहायता से इन महिलाओं को पीसीआर में बैठा लिया गया। इसके बाद सभी पीछे हट गए और प्रशासन ने एक-एक करके पांच दुकानें जमींदोज कर दी।
लगाया भेदभाव का आरोप
लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर तक इस मार्ग पर सभी दुकानें अवैध हैं। इन सभी को हटवाया जाना चाहिए। राजनीतिक कारणों के चलते चुन-चुन कर दुकानों को गिराया जा रहा है। इन लोगों ने कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की हुई है। जिसमें 22 अगस्त की तारीख निश्चित की हुई है। लेकिन यहां बिना कोई सूचना दिए उनकी दुकानें गिरा दी।
ईंटें समेटते हुए सरकार और शिकायत करने वालों को कोसा
दुकानों को गिरवाए जाने के बाद दुकानदार ईंटें समेटते नजर आए। मायूसी में दुकानदार प्रशासन तो कभी शिकायत करने वाले लोगों को कोसते रहे। इन दुकानदारों का कहना था कि उनसे उनकी रोजी-रोटी का साधन छीन लिया है। दशकों से किए जा रहे रोजगार के लिए अब वे कहां जाएंगे।
पुलिस के न आने से भड़क उठे सरकारी कर्मचारी
सुबह लगभग 8 बजे ही कमेटी के सभी अधिकारी, कानूनगो इस अवैध कब्जे को हटवाने के लिये आ गये थे। पुलिस बल के न मिलने के कारण कार्रवाई तीन घंटे लेट हो गई। लगभग दस बजे एसआई राम भजन पहुंचे, लेकिन महिला पुलिस के न आने के चलते कार्रवाई फिर भी शुरू नहीं हुई। इसी बीच मार्केटिंग बोर्ड के कर्मचारी भड़क उठे। एक कर्मचारी पुलिस से उलझ गया और कहा कि वे खुद ही अवैध कब्जे हटवा लेंगे।
एरिया में दो बार में दुकानों की जगह पर किए गए कब्जे को एसडीएम के आदेशानुसार गिरवाया गया है। शुक्रवार को पांच दुकानों की जगह खाली करवाई गई है। दुकानदारों को पहले नोटिस जारी किये गये थे। गिराने के लिये ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार चांदी राम को नियुक्त किया गया है।
संजीव सचदेवा, मार्केट कमेटी सचिव
अवैध कब्जे हटवाने के सरकार के आदेश हैं। दुकानदारों के पास कोर्ट का स्टे नहीं है और मात्र मामला ही कोर्ट में है। बोर्ड की जमीन से कब्जा हटवाया गया है।
मनदीप कौर, एसडीएम कैथल