पाई। क्षेत्र के किसानों ने मोटे धान के समर्थन मूल्य पर दोबारा विचार करने के साथ बारीक धान का भी समर्थन मूल्य घोषित करके सरकारी खरीद करने की मांग की है।
भाकियू के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबडी, प्रदेश किसान यूनियन के कार्यकारी प्रधान बलवान पाई, प्रचार करतारा राम, दिलबाग ने बताया कि सरकार ने तीन प्रतिशत की वृद्धि करके मोटे धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2389 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसान लगभग 50 प्रतिशत धान बारीक लगाते है। मंडियों में इस किस्म धान का समर्थन मूल्य न होने के कारण कोई सरकारी खरीद नही है। जिस कारण से व्यापारी किसानों की इस फसल को उत्पादन पर आने वाले खर्च के हिसाब से काफी कम मूल्य पर खरीद करते है।
इस कारण से किसान कर्ज बंध होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ जमीन में मोटा धान न होकर बारीक धान का ही उत्पादन होता है और इसी कारण से किसान मजबूरी वश बारीक धान का उत्पादन करता है। उन्होंने मांग की है कि शुद्ध बासमती का समर्थन मूल्य छह हजार तथा बाकी की बारीक धान का समर्थन मूल्य पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए। संवाद