फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाबी को राष्ट्रीय भाषा करें घोषित: गृह मंत्री को लिखा पत्र, हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मांग

Wed, 02 Jul 2025 05:41 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी कैथल

सार

हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने पंजाबी भाषा को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा देने की मांग की है। इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा गया है।  बुधवार को हुई कमेटी की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई। 
विज्ञापन
हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शहर के डोगरा गेट स्थित श्री नीम साहिब गुरुद्वारा में बुधवार को हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कमेटी के प्रधान सरदार जगदीश सिंह झींडा सहित अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस दौरान गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी पर्व को विश्व स्तर पर मनाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत श्री आनंदपुर साहिब से 'धर्म बचाओ नगर कीर्तन' निकाला जाएगा, जिसमें सरदार मनजीत सिंह जिरकपुर सहयोग करेंगे।

विज्ञापन


नगर कीर्तन का कार्यक्रम

बैठक में बताया गया कि 'धर्म बचाओ नगर कीर्तन' 11 जुलाई को सुबह श्री आनंदपुर साहिब से शुरू होगा। यह कीर्तन 12 जुलाई को चीका के छठी पातशाही गुरुद्वारा पहुंचेगा, जहां इसका भव्य स्वागत किया जाएगा। उसी दिन शाम को कीर्तन कैथल पहुंचेगा और रात्रि विश्राम के बाद जींद होते हुए रोहतक जाएगा। अंत में, 14 जुलाई को यह नगर कीर्तन आगरा में समाप्त होगा। हरियाणा के प्रत्येक जिले में प्रबंधक कमेटी की ओर से कीर्तन का स्वागत किया जाएगा। कमेटी ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरे सिख समाज से इसमें शामिल होने की अपील की है।

प्रधान झींडा का बयान

प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा जो कौम अपने गुरुओं और शहीदों को भूल जाती है, वह लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकती। गुरु तेग बहादुर को 'हिंद की चादर' कहा जाता है, जिन्होंने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाबी भाषा को राष्ट्रीय भाषा घोषित करने की मांग की और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस संबंध में पत्र लिखा है। झींडा ने अंग्रेजी भाषा के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा अंग्रेजों ने भारत पर लंबे समय तक शासन किया, फिर भी हम उनकी भाषा को अधिक महत्व देते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें