दीपावली पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए शहरवासी सोने और चांदी के आभूषणों की खूब खरीदारी कर रहे हैं। शहरवासी चांदी के पुराने सिक्कों की मांग कर रहे हैं।
सर्राफा बाजार में आया चांदी का नया सिक्का जहां 425 रुपये का मिल रहा है, वहीं पुराने चांदी का सिक्का 850 रुपये में मिल रहा है। चांदी व सोने के सिक्कों के नए-नए डिजाइन बाजार में आ चुके हैं। वर्ष 1939 तक चांदी के सिक्के मुद्रा के रूप में प्रयोग किए जाते थे।
इसके बाद इन्हें बंद कर दिया गया था लेकिन उस समय से ही चांदी के सिक्कों की मांग जारी है। दीपावली पर पुराने चांदी के सिक्कों को खरीदना लोग शुभ मानते हैं।
कई प्रकार के सिक्कों की है मांग
बाजार में दस ग्राम से लेकर एक किलो तक के चांदी के सिक्के आए हुए हैं। लक्ष्मी पूजन में लोग इसका प्रयोग करना शुभ मानते हैं। अरुण आभूषण भंडार के संचालक अरुण सर्राफ ने बताया कि सोने व चांदी के सिक्कों की मांग धनतेरस व दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन पर अधिक होती है। इसके अलावा टेंपल ज्वेलरी को भी पसंद किया जा रहा है जिसमें लक्ष्मी, गणेश, शुभलाभ सहित की काफी मांग है।
सर्राफा एसोसिएशन के पूर्व प्रधान चंद्रप्रकाश सर्राफ ने बताया कि इस बार धंधा पिछले सीजन की तुलना में कम है लेकिन फिर भी लोग पूजा सहित आवश्यक कार्यों के लिए खरीदारी कर रहे हैं। टेंपल ज्वेलरी एवं सिक्कों की मांग है।
एक सप्ताह से सोने व चांदी की कीमतों में गिरावट
एक सप्ताह से सोने व चांदी की कीमतों में गिरावट के कारण भी मांग बढ़ी है लेकिन दुकानदार सहमे हुए हैं। पिछले सप्ताह सोने की कीमत जहां 27 हजार 200 रुपये थी। अब सोने की कीमत 26 हजार 600 रुपये पर आ चुकी है। चांदी पिछले सप्ताह जहां 37 हजार 500 रुपये प्रति किलो थी, वहीं अब चांदी की कीमत घटकर 36 हजार 500 रुपये तक आ चुकी है।
हम पुराने चांदी के सिक्कों से करते हैं पूजा
चांदी के सिक्के खरीदने के लिए आए शशि वालिया ने बताया कि 1939 में सिक्के बनने बंद हुए थे। 1939 से पहले चांदी सिक्के एक रुपये के सामान थे। एक रुपये से अधिक कीमत बनने के बाद 1939 में बंद कर दिया गया। तभी से चांदी के सिक्कों की मांग बढ़ती गई। इसी कारण नए सिक्के की कीमत जहां 425 रुपये है वहीं पुराने सिक्के की कीमत 850 रुपये की है।
वहीं डा. अशोक शर्मा ने बताया कि त्योहार के सीजन में सोने व चांदी की कीमत में आ रही गिरावट से लोगों को काफी लाभ मिल रहा है। सोने चांदी की कीमतें जितनी कम होंगी उतना ही आम आदमी का लाभ मिलेगा।