संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विश्व एनेस्थीसिया दिवस बुधवार को है। अक्सर देखने को मिलता है कि सरकारी अस्पतालों में एनेस्थेटिक की कमी के कारण यहां आने वाले मरीजों को परेशानियां होती हैं। कैथल में भी जिला नागरिक अस्पताल में एनेस्थेटिक की कमी के बीच अधिकतर मरीजों को ऑपरेशन करवाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सामान्य अस्पताल में एनेस्थेटिक के चार पद हैं। इसमें दो नियमित और दो एनएचएम कार्यक्रम के तहत हैं। यहां पर एनएचएम कार्यक्रम के तहत दो एनेस्थेटिक तो कार्यरत हैं, लेकिन वर्ष 2021 से कोई भी नियमित एनेस्थेटिक जिला नागरिक अस्पताल में नहीं है।
एनएचएम कार्यक्रम के तहत कार्यरत दो एनेस्थेटिक में एक ही ड्यूटी अधिकतर समय वीआईपी मूवमेंट में रहती है। इस कारण एक विशेषज्ञ डॉक्टर ही ड्यूटी पर कार्यरत रहते हैं। एक डॉक्टर के वीआईपी ड्यूटी पर रहने के कारण रात के समय ऑपरेशन नहीं हो पाते हैं।
रात के समय नहीं हो पा रहे ऑपरेशन ः अस्पताल में अधिकतर समय में केवल एक ही एनेस्थेटिक के ड्यूटी पर रहने के कारण अस्पताल में रात के समय मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पाते हैं। बता दें कि रात के समय गर्भवती महिलाओं की डिलिवरी के केस अधिक रहते हैं। ऐसे में डॉक्टरों को बाहर से एनेस्थेटिक को बुलाना पड़ता है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आपातकालीन स्थिति होने पर स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एनेस्थेटिक को बुलाया जाता है।
जिला नागरिक अस्पताल में एनेस्थेटिक के चार पद स्वीकृत हैं। परंतु इस समय एनएचएम कार्यक्रम के तहत दो एनेस्थेटिक कार्यरत हैं। एक एनेस्थेटिक की ड्यूटी वीआईपी मूवमेंट में रहने के चलते दूसरे एनेस्थेटिक को बुला लिया जाता है। मरीजों को एनेस्थेटिक की कमी को लेकर किसी भी प्रकार से परेशानी नहीं आने दी जाती है। - डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।