संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत विधानसभा सीट पर पूर्व राज्य मंत्री कमलेश ढांडा को भाजपा की ओर से दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने पर विरोध मुखर हो चुका है। शनिवार को इस संदर्भ में फिर महापंचायत की गई। इसमें विधानसभा के विभिन्न गांवों से आए प्रतिनिधियों ने एक ही स्वर में भाजपा के उतारे गए प्रत्याशी के विरोध में मतदान करने का संकल्प लिया। साथ ही महापंचायत में कमेटी बनाने का फैसला लिया गया। इसके बाद ही उम्मीदवार तय किया जाएगा।
शनिवार को हुई महापंचायत में मुख्य रूप से कलायत, राजौंद, हरिपुरा, बडसीकरी, सिसमौर, कैलरम, रोहेडा, मटौर, रत्नपुरा, सेरहदा, नीमवाला आदि गांवों के लोग मौजूद थे। भाजपा की टिकट मांगने वाले उम्मीदवारों ने भी खुल कर अपने विचार रखे। कलायत के भाजपा नेता विनोद निर्मल ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा कहती थी कि कांग्रेस में परिवारवाद है। अब भाजपा में भी खुलकर परिवारवाद हावी हो गया।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व में विधायक और प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री रही कमलेश ढांडा ने पांच वर्षों में कभी हलका की सुध तक नहीं ली। पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की टिकट की दौड़ में लंबी फेहरिस्त थी पर हाई कमान ने सबको दरकिनार कर दिया।
इसी प्रकार अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और भाजपा नेता सलिंद्र राणा ने कहा कि अब कलायत विधानसभा के लोगों ने निर्णय लिया है कि उन पर थोपे गए उम्मीदवार को वे लोग स्वीकार नहीं करेंगे। महापंचायत अपना उम्मीदवार तय करेगी और 11 सितंबर को उसका नामांकन करवा देगी।
रामकुमार शर्मा सिसमौर ने कहा कि सबसे पहले महापंचायत में कमेटी बनाई जाए जिसके सामने चुनाव लडऩे के इच्छुक अपना आवेदन करें और तय की गई कमेटी किसी एक नाम पर विचार करेगी जिसको सभी लोग स्वीकार करेंगे। लंबे विचार विमर्श के बाद सभी गांवों से दो दो व्यक्तियों को शामिल कर एक कमेटी बनाई गई। यह कमेटी चुनाव लडऩे की इच्छा रखने वाले प्रत्याशियों के आवेदन पर पूरी तरह से विचार करने के बाद एक नाम पर सहमति बनाऐगी। इस संदर्भ में 10 सितंबर को फिर से महापंचायत होगी जिसमें कमेटी नाम का फैसला करेगी और 11 सितंबर को चुने गए प्रत्याशी का नामांकन करवाऐगी।
महापंचायत में कुशलपाल राणा राजौंद, डाॅ. संदीप राणा राजौंद, संजीव दीक्षित, राजेश जैस्ट, नरेश शर्मा हरिपुरा, दीपक निर्मल, आनंद राणा बात्ता, रामकुमार शर्मा सिसमौर, प्रदीप राणा, सलिंद्र राणा, बसाऊ राम कैलरम, मोहन राणा, काकू यादव, राजबीर ढुल बडसीकरी, रोहताश रोहेडा, सुमन राणा आदि ने अपने विचार रखे।