संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला परिषद भवन में सोमवार को हुई विशेष बैठक उस वक्त गर्मा गई, जब पूर्व अध्यक्ष दीपक मलिक जाखौली ने मनरेगा, पाइपलाइन और सड़क निर्माण के मुद्दे पर हुई बहस में घोटाले के गंभीर आरोप लगाए। यह पहली बार था जब वे अध्यक्ष पद से हटने के बाद सदन की बैठक में शामिल हुए थे।
दीपक मलिक के आरोपों पर पार्षद दीप बालू ने पलटवार करते हुए खुद उनके कार्यकाल में लगभग ढाई करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप जड़ दिया। दोनों पक्षों के बीच बहस इतनी तेज़ हो गई कि अध्यक्ष कर्मबीर कौल को हस्तक्षेप कर सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।
बैठक के दौरान दोनों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। दीप बालू ने कहा कि दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले मलिक को अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। पार्षद ने आरोप लगाया कि दीपक मलिक ने अपने कार्यकाल के दौरान विकास कार्य करवाने के लिए कमीशन के तौर पर मंथली तक लेते थे। इस पर नाराज होकर दीपक मलिक जवाब देने के लिए खड़े हुए, लेकिन स्थिति बिगड़ती देख अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने मामला शांत कराया।
निलंबित पार्षद ने भी रखी बात ः बैठक में एक निलंबित पार्षद ने भी करीब 15 मिनट तक अपनी बात रखी। इस पर अध्यक्ष कौल ने स्पष्ट किया कि भले ही निलंबित पार्षद किसी निर्णय प्रक्रिया में शामिल नहीं होते, लेकिन वे अपनी बात रखने के हकदार हैं — ठीक वैसे ही जैसे कोई आमजन समस्या रख सकता है।
जाखौली में पांच साल से जल आपूर्ति ठप ः पूर्व अध्यक्ष मलिक ने जनस्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जाखौली गांव में पिछले पांच साल से पाइपलाइन खराब पड़ी है और सप्लाई बंद है। उन्होंने दावा किया कि हर महीने कागजों में मोटर को खराब दिखाकर मरम्मत के नाम पर फंड निकाला जाता है।
इस पर मौजूद अधिकारी ने बताया कि पाइपलाइन के लिए एस्टीमेट तैयार हो चुका है और स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
सड़क एक साल में टूटी, ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग ः मलिक ने देबवन से सौंगल तक बनी सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सड़क बने अभी एक साल ही हुआ है और दो बार पैचवर्क हो चुका है, जो निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।
अध्यक्ष कौल ने लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन से जवाब मांगा। अधिकारी ने बताया कि सड़क पर अनुमान से अधिक यातायात होने के कारण क्षति हुई है और जल्द पुनर्निर्माण कराया जाएगा।
पूर्व अध्यक्ष दीपक मलिक ने चेतावनी दी कि यदि सड़क पर नई परत नहीं डाली गई और फिर से सिर्फ पैचवर्क किया गया, तो वे ग्रामीणों के साथ विभाग कार्यालय के बाहर धरना देंगे।
अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने कहा कि पार्षदों के बीच किसी भी प्रकार का मन मुटाव नहीं है। न ही किसी प्रकार का विवाद है। सभी पार्षद एक परिवार के सदस्य हैं। सभी पार्षदों ने बैठक में अपनी समस्याओं को रखा है। इनके समाधान के लिए बेहतर प्रयास किए जाएंगे।
मनरेगा में रिश्वत के आरोप, ऑडियो सबूत का दावा
दीपक मलिक ने मनरेगा में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कहा कि कार्यों की मस्टररोल पास करवाने के लिए एबीपीओ द्वारा 10 से 20 हजार रुपये तक रिश्वत मांगी जाती है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इसका ऑडियो सबूत है, और अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे यह रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करेंगे और मामला हाईकोर्ट तक ले जाएंगे।
यदि साक्ष्य मौजूद हैं तो वे प्रस्तुत करें, कार्रवाई करना परिषद की जिम्मेदारी है। -कर्मबीर कौल, अध्यक्ष