गुहला-चीका। ऑस्ट्रेलिया में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के 10 दिन बाद शनिवार को मिलनदीप सिंह का शव गांव चाबा में पहुंचा। गांव में शोक का माहौल रहा। भारी संख्या में ग्रामीण मिलनदीप सिंह की अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
गौरतलब है कि मिलनदीप सिंह पांच साल पहले स्टडी वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था और अपनी पढ़ाई पूरे करने के बाद एक कंपनी में नौकरी कर रहा था। उसके पिता डॉ. तेजा सिंह स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त आरएमपी चिकित्सक हैं। मिलनदीप सिंह चार बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत की सूचना के बाद से ही उसके माता पिता व चारों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव चाबा के सरपंच प्रतिनिधि होशियार सिंह व गुरदीप सिंह चाबा ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीयों के सहयोग से ही मिलनदीप सिंह के शव को भारत तक लाया जा सका है। तीनों बहनों ने रक्षाबंधन से पहले भाई के लिए डाक के माध्यम से राखी भेजी, लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम था कि उसकी मौत हो जाएगी।