संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। अमेरिका गए कलायत के गांव मटौर निवासी संदीप मौण का शव जब सोमवार को स्वदेश पहुंचा तो हर किसी की आंख भर आई। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने गांव की श्मशान भूमि में 24 वर्षीय युवा का संस्कार किया।
संदीप को अपने गांव की मिट्टी प्रदान करने के लिए अमेरिका में रह रहे इंडियन युवाओं और परिवार के सदस्यों ने 16 लाख रुपये खर्च किया। इसके साथ ही लंबी कागजी प्रक्रिया को पूरा किया।
गौरतलब है कि पिछले 12 दिन से संदीप के शव के आने का गांव में इंतजार किया जा रहा था।
चाचा रामचंद्र मौण, सुरेश मौण और जगबीर मौण ने बताया कि 12 फरवरी को संदीप की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। युवा कैलिफोर्निया और एरिजोना में ड्राइवर की नौकरी करता था। सायं वह ड्यूटी समाप्त करके घर आया तो उसे सीने में दर्द की शिकायत हुई। उसे खून की उलटी आई। उसके साथ में रह रहे गांव के दो अन्य युवा उसे तत्काल अस्पताल में ले गए जहां चिकित्सकों ने जांच पड़ताल के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
संदीप अविवाहित था। परिवार में उसकी विधवा माता बिमला देवी और बड़ा भाई अमित है। परिवार मुख्य रूप से संदीप पर ही निर्भर था। ग्रामीणों ने बताया कि अमेरिका में संदीप की मौत से हर कोई गम में डूबा है।
संदीप के परिवार से चार लोगों की पहले हृदयघात से मौत हो चुकी है। परिवार के सदस्यों को नहीं मालूम था कि अमेरिका गए युवा संदीप को भी यही बीमारी लील जाएगी। संदीप अमेरिका में निजी ट्रक चालक थे। परिवार का गांव में मुख्य व्यवसाय कृषि रहा है। हल जोतकर घर का चूल्हा जलता था। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने को संदीप अमेरिका गया था। लोगों का कहना था कि किसी को कहां मालूम था कि एक दिन इस प्रकार सफेद कपड़े में लिपटकर शव बॉक्स में आएगा।