संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जाट सीनियर सेकेंडरी स्कूल कैथल में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन ने अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका विषय शिक्षा से बेटियां बनाएं अपना भविष्य रहा। मुख्य वक्ता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से संबद्ध पलवल स्थित राजकीय कन्या कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. सुनील थुआ ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर बेटियां न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज की दिशा बदल सकती हैं।
इससे पहले विद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य नरेश राणा ने उनका स्वागत किया, जबकि मंच संचालन अध्यापक मुनीष ने किया। मुख्य वक्ता डॉ. सुनील थुआ ने कहा कि आज का समय अवसरों का दौर है, जिसमें बेटियां खेल, चिकित्सा, शिक्षा, संगीत, कला, विज्ञान और उद्यमिता जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
उन्होंने कल्पना चावला, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, मेजर ध्यानचंद पुरस्कार विजेता सविता पूनिया, रानी रामपाल, मीराबाई चानू, शेफाली वर्मा और मैरी कॉम जैसी सफल भारतीय महिलाओं के उदाहरण देकर छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि इन सभी ने कठिन परिस्थितियों को मात देकर दुनिया को दिखा दिया कि बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने की क्षमता रखती हैं।
अध्यापिका संजय रानी और मुकेश ने कहा कि आने वाला समय महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता का समय है। इसलिए हर बेटी को आत्मविश्वास, आत्मरक्षा, डिजिटल साक्षरता और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. नरेश राणा ने मुख्य वक्ता डॉ. सुनील थुआ और अमर उजाला फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि अपराजिता जैसे सार्थक अभियान बालिकाओं को जागरूक, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस दौरान जाट संस्था के प्रधान राजकुमार बेनीवाल, उपप्रधान बलजिंद्र सिंह बनवाला, महासचिव एडवोकेट रश्मि ढुल, कोषाध्यक्ष बलकार नैन तथा अनिता, किरण, जसवंती, राममेहर और मनीषा उपस्थित रहे।
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शिक्षा से भविष्य संवरता है ः छात्राओं की प्रतिक्रियाएं
अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम बहुत अच्छा है। वह उच्च स्तर पर शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य बेहतर बनाना चाहती हैं। आज के समय में लड़कियों का शिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। -सेजल
बेटियां हर क्षेत्र की पढ़ाई में सफल होकर माता-पिता का नाम रोशन कर सकती हैं। शिक्षा रोजगार का माध्यम बनती है और इस कार्यक्रम से कई कोर्सों की जानकारी मिली। -स्नेहा
महिला वर्ग का शिक्षित होना बेहद जरूरी है। यदि बेटियां पढ़ेंगी तो आने वाली पीढ़ी भी शिक्षित होगी, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। -अंजली
शिक्षा ही वह साधन है जिससे बेटियां समाज में अपनी पहचान स्थापित कर सकती हैं। इसके लिए परिवार का सहयोग भी बहुत जरूरी है। -लता
बेटियां पढ़ाई के साथ खेलों में भी नाम कमा सकती हैं। खेल आज के दौर में बेहद महत्वपूर्ण हैं, और बेटियों को इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। -निकिता
बेटी को शिक्षित करते समय माता–पिता को भेदभाव नहीं करना चाहिए। बेटियों को शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आगे आना चाहिए। -तन्नू
अपराजिता का कार्यक्रम मे उपिस्थत सदस्य
अपराजिता का कार्यक्रम मे उपिस्थत सदस्य
अपराजिता का कार्यक्रम मे उपिस्थत सदस्य
अपराजिता का कार्यक्रम मे उपिस्थत सदस्य
अपराजिता का कार्यक्रम मे उपिस्थत सदस्य
अपराजिता का कार्यक्रम मे उपिस्थत सदस्य