कैथल। आजादी के अमृत महोत्सव की शृंखला में सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग, हरियाणा व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 27 मार्च को जाखौली अड्डा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्थित ऑडिटोरियम हॉल में दास्तान-ए-रोहनात नाटक का मंचन किया जाएगा। इसमें प्रसिद्घ रंग कर्मियों द्वारा नाटक की प्रस्तुति दी जाएगी। आमजन के लिए नाटक को देखने के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा। कार्यक्रम में सांसद नायब सिंह सैनी बतौर मुख्यातिथि शामिल होंगे।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस नाटक को देखा था। हरियाणा के हर जिले में इसका मंचन किया जा रहा है। गांव रोहनात का अपना अलग इतिहास है। यह भारत का एक ऐसा गांव है, जिसमें आजादी के 71 साल बाद भी तिरंगा नहीं फहराया था लेकिन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में भिवानी के इस गांव में धूमधाम से तिरंगा झंडा फहराया। नाटक के जरिए इस गांव के वीर योद्धाओं की गाथा आमजन के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। घटना 29 मई 1857 की तारीख थी, हरियाणा के रोहनात गांव में ब्रिटिश फौज ने बदला लेने के इरादे से एक बर्बर खून खराबे को अंजाम दिया था। बदले की आग में ईस्ट इंडिया कंपनी के घुड़सवार सैनिकों ने पूरे गांव को नष्ट कर दिया। लोग गांव छ़ोड़कर भागने लगे और पीछे रह गई वो तपती धरती जिस पर दशकों तक कोई आबादी नहीं बसी। दरअसल यह 1857 के गदर या सैनिक विद्रोह, जिसे स्वतंत्रता की पहली लड़ाई भी कहते हैं, के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों के कत्लेआम पर भारतीयों द्वारा जवाबी कार्रवाई थी।