संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मौसम में बदलाव से बीमारियां बढ़ी हैं। दरअसल, दोपहर में धूप से गर्मी है तो सुबह, शाम और रात को ठंड पड़ रही है। ऐसे में जरा सी लापरवाही पड़ रही है। जिला अस्पताल में बुखार, जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिकित्सकों का कहना है कि इस समय सावधान रहने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही आपको बीमार कर सकती है।
बदलता मौसम श्वास, दमा, ब्लड प्रेशर, हृदय के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। अस्पतालों में धीरे-धीरे ऐसे मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। जो मौसमी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। सर्दी जुकाम के अलावा खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा बदन दर्द, जोड़ों का दर्द और सांस फूलने से परेशान मरीज भी आ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल की बात करें तो अब सामान्य दिनों की अपेक्षा ओपीडी की संख्या दोगुनी हुई है। ऐसे में अब प्रतिदिन एक हजार से अधिक अलग-अलग बीमारियों की ओपीडी हो रही है। गौरतलब है कि पिछले 10 से कोहरा तो नहीं छा रहा, लेकिन ठंड ने परेशान किया है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 25.7 और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। एक्यूआई 161 दर्ज किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र कैथल के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि अभी दिन में गर्म मौसम और रात के समय ठंडक है। इस मौसम में खेतों में भी फसलों में किसान सिंचाई कृषि विज्ञानी की सलाह से ही करें। वर्मा ने बताया कि अभी नवंबर के महीने में धुंध नहीं होने का अनुमान है, लेकिन दिसंबर महीने में लगातार मौसम में बदलाव हो सकता है। ऐसे में न्यूनतम तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है।