संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में बिजली व स्ट्रीट लाइटों के खंभों व वृक्षों पर लगाए होर्डिंग भी हादसों का सबब बनते हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। इस पर न तो नगर परिषद और न ही वन विभाग कोई संज्ञान लेता है। अब ठंड के मौसम में कोहरा छाया रहने के कारण बनता है। अधिकारियों का पक्ष है इन होर्डिंग हटवाने का अभियान अब जल्द ही चलाया जाएगा।
खंभों और वृक्षों पर लगे होर्डिंग तेज हवा व आंधी में लोगों को दुर्घटना का कारण बनते हैं। लोगों का कहना है कि शहर में अधिकतर जगहों पर दोनों तरफ कई प्रतिष्ठानों के मालिकों ने अपनी मनमर्जी से होर्डिंग लगाए गए हैं। इन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही राजनीतिक होर्डिंग लगाने की समय सीमा तय कर देनी चाहिए। नगर के लोगों के अनुसार राजनीतिक होर्डिंग कई महीने तक ऐसी जगह पर लगे रहते हैं, जहां वाहन चालकों को आने जाने में परेशानी पैदा करते हैं। इस तरफ न तो नगर निगम अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही जिला प्रशासन। इस तरह के होर्डिंग से नगर परिषद को किसी भी प्रकार का राजस्व भी नहीं मिलता है। साथ ही मुख्य मार्गों की सुंदरता भी खत्म हो रही है।
खंभे लगाने पर लगे प्रतिबंध
शहरवासी सुनील कुमार ने बताया कि नगर परिषद की ओर से सड़क किनारे होर्डिंग लगाने के लिए किसी भी प्रकार से अनुमति नहीं देना चाहिए। यदि बिना अनुमति के यह होर्डिंग्स लगाए जा रहे हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करना चाहिए। इस तरह के होर्डिंग से ही दुर्घटना की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। जहां होर्डिंग लगे रहते हैं, वहां पेड़-पौधे लगाने चाहिए।
सड़क के किनारे होर्डिंग लगाने की अनुमति नगर परिषद की ओर से नहीं दी जाती है। जिन्होंने ऐसे होर्डिंग लगाए हैं, वे गलत हैं। इन होर्डिंग को हटवाने के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी, ताकि हादसों से बचा जा सके। इसको लेकर नगर परिषद लगातार कार्रवाई करता है। -कुलदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद