गुहला-चीका। छोटी घग्गर के नाम से जाने जाने वाले बरसाती नाले में जलकुंभी और गाद का जमाव बाढ़ के खतरे को बढ़ा रहा है। मेन घग्गर नदी पहले से ही लबालब भरी है और उसमें से ओवरफ्लो होकर निकलने वाला पानी खेतों से होते हुए इस नाले में आता है। स्थानीय लोग इसे छोटी घग्गर कहते हैं।
जलकुंभी और गाद के कारण यहां पानी का प्रवाह रुक गया है। लोगों का कहना है कि पानी बढ़ने पर यह आगे नहीं निकल पाएगा और इसका सीधा असर चीका शहर सहित आसपास के गांवों पर पड़ सकता है। स्थानीय निवासी काला राम, जयभगवान, बलजीत सिंह, हरजिंदर सिंह और जरनैल सिंह ने बताया कि गाद और जलकुंभी के चलते नदी का बहाव बाधित हो गया है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होने की स्थिति में टटियाना घग्गर में बाढ़ आती है तो नाले का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है। इससे चीका शहर और आसपास के गांवों में पानी घुसने की आशंका गहराती जा रही है।
सिर्फ आश्वासन तक सीमित कार्रवाई ः नगरपालिका सचिव जितेंद्र शर्मा का कहना है कि समय-समय पर सफाई करवाई जाती है और जल्द ही पोकलिन मशीनों से सफाई करवा दी जाएगी। लेकिन लोगों का आरोप है कि खतरा सिर तक पहुंचने के बावजूद प्रशासन केवल आश्वासन देकर मामले को टाल रहा है। हकीकत में जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हो रहा। संवाद
सफाई के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं
बीते दिनों उपायुक्त प्रीति ने घग्गर व छोटी नदियों का निरीक्षण किया था और गाद व जलकुंभी देखकर नगरपालिका सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। बावजूद इसके, अब तक सफाई कार्य शुरू नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि प्रशासन की यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।